उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगरमियों में तेजी आ चुकी है, क्योंकि हाल में हुए राष्ट्रपति चुनावों में समाजवादी पार्टी के कुछ विधायकों ने भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देते हुए उन्हें वोट किया था। जिसके बाद अब अखिलेश यादव ने उन्हें पत्र लिखकर बाहर करने के संकेत दे दिये हैं।
उत्तर प्रदेश में सियासी सर गरमियाँ अब तेज हो चुकी हैं, राष्ट्रपति चुनावों में क्रॉस वोट करने वाले सपा सहयोगी ओपी राजभर और शिवपाल को बाहर जाने के लिए अखिलेश यादव ने संकेत दे दिया है। जिस पर ओपी राजभर ने कमेन्ट किया है। अखिलेश यादव ने लिखे हुए पत्र में कहा कि, आप बीजेपी को मजबूत करने के लिए काम कर रहें।
सपा पार्टी ने ओपी राजभर को लिखे पत्र में कहा, "आपका बीजेपी से गठजोड़ है। सपा लगातार बीजेपी के खिलाफ लड़ रही है। ओपी राजभर आप बीजेपी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। अगर सम्मान ज्यादा नहीं मिल रहा है। तो आप भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं।"
नौ महीने पहले हुई थी गठबंधन की शुरुआत
यूपी विधानसभा 2022 चुनाव से पहले 20 अक्टूबर को पहली बार अखिलेश यादव और ओपी राजभर की मुलाकात हुई थी। अखिलेश ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए राजभर के साथ होने का ऐलान भी किया। ओपी राजभर की एक मई को रैली में अखिलेश यादव यूपी चुनाव को लेकर पहली बार खुलकर मंच पर सामने आए थे।
शिवपाल यादव ने की थी सपा उम्मीदवार के खिलाफ वोटिंग
सपा विधायक व प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव ने राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को वोट किया था, वहीं विपक्ष के उम्मीदवार के खिलाफ वोट किया था। वहीं शिवपाल यादव ने क्रॉस वोटिंग को लेकर शुक्रवार को कहा था कि, सपा विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करके एनडीए उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू को सपोर्ट करके जिताया है। क्योंकि कट्टर समाजवादी कभी भी नेताजी मुलायम सिंह यादव का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता है।