
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी सरकार को आड़े हाथों लिया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी नहीं चाहती कि देश की जनता शिक्षित और संपन्न हो। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वाले डिजिटल इंडिया , स्टार्ट अप इंडिया, मेक इन इंडिया की बातें तो जमकर करते हैं, लेकिन देश के युवाओं को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
छात्र नेताओं से की मुलाकात
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह तमाम बातें शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बीएचयू, काशी विद्यापीठ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं से मुलाकात करते समय कहीं। अखिलेेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोगों को ऐसे सपने दिखाती है जो कभी भी सच नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान तो बीजेपी ने नौजवानों को 2 करोड़ नौकरियां देने का बड़ा सपना दिखाया था। लेकिन मोदी सरकार के चार साल बीतने के बाद भी युवाओं को कहीं रोजगार नहीं मिल रहा है।
ऐसे राष्ट्रवाद का क्या मतलब
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रवाद का क्या मतलब अगर वह देश के करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण में हिस्सेदारी न मिले। अखिलेश यादव ने कहा कि साल 2019 के लोकसभा और 2022 का विधानसभा चुनाव देश के युवाओं के भविष्य को प्रभावित करेगा।
नहीं टूटेगा सपा-बसपा का गठबंधन
वहीं इससे पहले एक कार्यक्र में सपा-बसपा गठबंधन पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के लोग चाहे जितनी ताकत लगा लें लेकिन ये टूटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि वह मायावती की किसी बात का बुरा नहीं मानते। हमारा प्रमुख लक्ष्य बीजेपी को हराना है और इसके लिए कुछ समझौते भी कर लेंगे। अखिलेश ने कहा कि राजनीति में चुनाव जीतने के लिए कुछ समझौते करने ही पड़ते हैं। हमने तो सिर्फ एक पार्टी से ही समझौता किया है जबकि बीजेपी ने तो 45 पार्टियों से गठबंधन किया है।