लखनऊ

प्रेसवार्ता में टोटी लेकर पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- नफरत और जलन में भी अंधे होते हैं लोग

बंगले में तोड़फोड़ पर अखिलेश यादव ने कहा कि यहां सरकार का कुछ भी नहीं टूटा है, मैंने सब अपने पैसों से खरीदा था

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Jun 13, 2018
प्रेसवार्ता में टोटी लेकर पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- नफरत-जलन में भी अंधे होते हैं लोग

लखनऊ. चार-कालिदास मार्ग स्थित सरकारी बंगले में तोड़फोड़ विवाद पर अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान वह काफी गुस्से में दिखे। पत्रकार वार्ता में अखिलेश यादव अपने साथ टोटी लेकर पहुंचे और बोले कि इसे वापस लौटाने आया हूं। बंगले में तोड़फोड़ पर अखिलेश यादव ने कहा कि यहां सरकार का कुछ भी नहीं टूटा है, मैंने सब अपने पैसों से खरीदा था। बंगला मैंने अपनी पसंद से बनवाया था। मैं अपने पैसों से ख्वाइशें पूरी करता हूं, किसी दूसरे के पैसों से नहीं। इशारों ही इशारों में यूपी के राज्यपाल राम नाईक पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अभी तक जो मौन रहते थे, अब वो भी बोल रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकारी बंगले में तोड़फोड़ को लेकर यूपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोग प्यार में अंधे होते होंगे, पर जलन और नफरत में भी अंधे होते हैं, यह मैंने देखा है। अखिलेश यादव ने कहा कि घर के एक डैमेज भाग की फोटोग्राफ खींची गई और इसे ही वायरल किया गया, जबकि बंगले में अभी वुडेन फ्लोरिंग समेत आज भी कई चीजें मौजूद हैं। बंगले में मंदिर भी मौजूद है, जिसे हमने बनाया था। यहां भगवान की मूर्तियां भी मैं अपने पैसे ले लाया था। सरकार मंदिर का बिल दे।

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सपा की योजनाओं का लोकार्पण कर रही सरकार
अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे समेत कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमने यूपी का चौतरफा विकास किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री जिस वर्ल्ड क्लास बस टर्मिनल का लोकार्पण कर रहें हैं, वह भी समाजवादी सरकार की ही देन है। लेकिन सरकार हमारे कामों की तारीफ के बजाय हम पर ही तोड़फोड़ का आरोप लगा रही है। सरकार हम पर तोड़फोड़ का आरोप लगा रही है।

बंगले में तोड़फोड़ पर राज्यपाल ने सीएम योगी को लिखा खत, कहा- हो कार्रवाई
मंगलवार को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अखिलेश यादव के सरकारी आवास में तोड़फोड़ प्रकरण में कानूनी कार्रवाई की बात कही। यह एक बेहद अनुचित और गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले राज्य संपत्ति के कोटे से आवंटित किये गये हैं। इनका रख-रखाव जनता के पैसों से होता है। इसलिये राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्रवाई की जाये।

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Updated on:
13 Jun 2018 02:05 pm
Published on:
13 Jun 2018 12:46 pm
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