परिवहन विभाग की अव्यवस्था से यूपी में बस सेवाएं प्रभावित हैं, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं कर रही।
UP Politics: उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। खुलासे के अनुसार, 1671 ड्राइवर बिना बस चलाए ही पूरे वेतन उठा रहे थे। जांच में यह भी पता चला कि विभाग के लगभग 50 प्रतिशत चालक शून्य किलोमीटर चलाकर वेतन ले रहे हैं। यह खुलासा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ सवाल खड़े किए। उन्होंने एक्स पर लिखा कि गर्मियों की छुट्टियों में लोग घर आने-जाने के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन परिवहन विभाग की बसें अक्सर समय पर नहीं चल रही हैं। कई बसें खराब पड़ी हैं या चल ही नहीं रही हैं। आम जनता को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब बसों पर बुलडोजर चलाने का नाटक नहीं करना चाहिए। उनका आरोप है कि असली भ्रष्टाचार मंत्री स्तर पर है। विपक्ष का कहना है कि विभाग में हो रहे गोरखधंधे का बड़ा हिस्सा ऊपरी स्तर तक पहुंचता है। वे यह भी कह रहे हैं कि भाजपा सरकार में परिवहन विभाग के पहिए खोलकर बेचने का काम चल रहा है। इसी वजह से प्रदेश की विकास की गाड़ी भ्रष्टाचार की खाई में फंसकर रुक गई है।
अखिलेश यादव का तर्क है कि यातायात और आवागमन बाधित होना अर्थव्यवस्था को भी बाधित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात तो करती है, लेकिन असल में अपनी व्यक्तिगत व्यवस्था मजबूत करने में लगी हुई है। उनका कहना है कि भाजपा को आम जनता की कोई चिंता नहीं है और न कभी थी। परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार की वजह से आम आदमी सबसे ज्यादा परेशान हो रहा है।
अखिलेश यादव सरकार से सवाल कर रहे हैं कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई की जाएगी? क्या दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे? या फिर यह मामला भी रफा-दफा हो जाएगा? अखिलेश ने आखिर में लिखा 'भाजपा जाए तो बस चल पाए..!