अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वे खजांची का जन्मदिन मनाएंगे।
लखनऊ. नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार 'एंटी ब्लैक मनी डे' का आयोजन करते दिखे तो दूसरी ओर विपक्षी दलों ने सरकार पर चौतरफा हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक तरफ जहां नोटबंदी के फैसले की आलोचना की तो दूसरी ओर नोटबंदी की लाइन में जन्मे खजांची के साथ फोटो ट्वीट करते हुए लिखा है कि वे खजांची का जन्मदिन मनाएंगे। अखिलेश यादव ने ट्वीट में लिखा है - 'नोटबंदी की लाइन में जन्मे ख़ज़ांची की माँ नहीं जानतीं कालाधन क्या होता है। हम नोटबंदी का जश्न नहीं पर ख़ज़ांची का जन्मदिन ज़रूर मनायेंगे।'
अखिलेश ने शेयर की खजांची और उसकी मां की तस्वीर
दरअसल अखिलेश यादव ने जिस खजांची और उसकी मां की तस्वीर अपने ट्वीट के साथ शेयर की है, उसका परिवार परिवार कानपुर देहात के झींझक इलाके में रहता है। पिछले वर्ष 2 दिसंबर को नौ महीने की गर्भवती सर्वेशा देवी पीएनबी की लंबी लाइन में रुपये निकालने के लिए खड़ी थी। तब लगभग एक महीने पहले सरकार ने 500 और 1000 रूपये के नोट बंद कर दिए थे। सर्वेशा पांच घंटे बैंक की लाइन में खड़ी रही लेकिन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसकी किसी तरह की मदद नहीं की। उसे वहीं प्रसव पीड़ा हुई और बैंक की सीढियों पर उसकी सास ने उसकी डिलीवरी करवाई। सर्वेशा ने अपने इस बेटे का नाम खजानची रखा। मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से खजांची का नाम लिया।
अखिलेश ने खजांची का जन्मदिन मनाने का किया ऐलान
बुधवार को जब पूरे देश में केंद्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता नोटबंदी के फायदे गिना रहे थे तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी सहित सभी विपक्षी दल इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाते दिखे। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा - 'अर्थव्यवस्था की बदहाली, कारोबार-उद्योग की बर्बादी व देशव्यापी बेरोज़गारी में नोटबंदी का जश्न दुखद है। ये नोटबंदी का एक बरस नहीं बरसी है।' इसके अलावा दूसरे ट्वीट में अखिलेश यादव ने खजांची और उसकी मां की तस्वीर शेयर की और लिखा - ' नोटबंदी की लाइन में जन्मे ख़ज़ांची की माँ नहीं जानतीं कालाधन क्या होता है। हम नोटबंदी का जश्न नहीं पर ख़ज़ांची का जन्मदिन ज़रूर मनायेंगे। '