AKTU में खुला ऐसा लैब जिसमें होगी स्मार्ट सिटी की साइबर सुरक्षा
लखनऊ. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधि क विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज़ में सोमवार को कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब का लोकार्पण किया गया। साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब का लोकार्पण मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. मनीन्द्र अग्रवाल, उप निदेशक, आईआईटी,कानपुर ने किया। स्मार्ट सिटी सिम्युलेटरलैब की स्थापना का उद्देश्य देश में स्थापित हो रही स्मार्ट सिटी को सुरक्षित बनाने हेतु प्रोफेशनल तैयार करना रहेगा।
जानें क्या खास है लैब में-
लैब में साइबर अटैक्स की विभिन्न परिस्थितयां उत्पन्न कर यह पता लगाया जा सकेगा कि सॉफ्टवेयर में क्या कमियां थी कि उसे हैक कर लिया गया| इसके साथ ही स्मार्ट सिटी में रेल परिवहन, वायु परिवहन के कन्वेयर बेल्ट, ई-हॉस्पिटल, इलेक्ट्रिक पॉवर ग्रिड, इंडस्ट्री, ई-पुलिस सिस्टम होने वाले अटैक्स को एनालाइज करने में मदद मिलेगी। यह उत्तर प्रदेश की पहली साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब है।
इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पाठक ने कहा कि वर्तमान में डिजिटल वर्ड से आम जन जुड़ें हुए हैं। ऐसे में साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब को साइबर लिट्रेसी के लिए प्रयोग किया जा सकता है। हम आने वाले समय में आम जन के लिए छोटे-छोटे समयावधि के कोर्स शुरू करेंगे। इस तरह के कोर्सेज एक शोध संस्थान की समाज के प्रति जिम्मेदारी के पूरक साबित होंगे।
मुख्य अतिथि प्रो मनीन्द्र अग्रवाल,उप निदेशक, IIT कानपुर ने, कहा कि सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब की स्थापना का कार्य सराहनीय है। साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब एक उपकरण है जो हमें आने वाले समय के सबसे बड़े खतरे साइबर युद्ध जैसे खतरों से बचने के लिए तैयार कर सकता है। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि हम साइबर सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करें।
यूनिवर्सिटी परिसर में स्थापित साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब का प्रयोग सामजिक उत्थान एवं साइबर लिट्रेसी के लिए करने की बात और भी अधिक सराहनीय है। उन्होंने ने कहा कि व्यक्ति अनुभवों से ही सीखता है। साइबर सिटी सिम्युलेटर लैब छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा और खास कर स्मार्ट सिटी मैनेजमेंट के लिए तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी संस्थान के निदेशक प्रो मनीष गौड़ ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी विषय में परास्नातक का पाठ्यक्रम संचालन कर वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर और लैबरेट्री प्रदान करना चुनौती थी। संस्थान इस क्रम में अभी तक अव्वल रहा है। आने वाले समय में हम कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करवाने में सफल रहेंगे।