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Storm and Rain in UP: लखनऊ समेत यूपी में आंधी-बारिश का कहर, 18 मौतें, गर्मी से राहत के बीच तबाही

Storm Havoc in UP: भीषण गर्मी के बीच लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश ने कहर बरपाया। पेड़, दीवारें गिरने से 18 लोगों की मौत हुई, कई घायल हुए और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 30, 2026

लखनऊ समेत यूपी में आंधी-बारिश का कहर: राहत भी, आफत भी (फोटो सोर्स : Patrika)

लखनऊ समेत यूपी में आंधी-बारिश का कहर: राहत भी, आफत भी (फोटो सोर्स : Patrika)

Storm Havoc in UP Power Outage: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम ने ऐसा करवट बदला है कि लोगों के लिए यह राहत और आफत-दोनों बन गया है। एक ओर भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अचानक आई बारिश और तेज हवाओं ने राहत दी, तो दूसरी ओर यही मौसम कई परिवारों के लिए दर्दनाक साबित हुआ। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं।

लखनऊ समेत कई जिलों में मौसम का कहर

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का असर साफ देखने को मिला। दिनभर की तेज गर्मी के बाद अचानक चली तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। लखनऊ समेत करीब 10 जिलों में ओलावृष्टि की भी खबरें सामने आई हैं।

सुल्तानपुर बना सबसे ज्यादा प्रभावित

इस प्राकृतिक आपदा में सबसे अधिक नुकसान सुल्तानपुर जिले में हुआ है। यहां तेज आंधी-तूफान और बारिश के चलते अलग-अलग घटनाओं में दो बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 से अधिक लोग घायल हो गए।

जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि हादसे पेड़ गिरने, कच्ची दीवारों के ढहने और बिजली के खंभे गिरने की वजह से हुए। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है, और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं

सुल्तानपुर और आसपास के इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। इतनी तेज हवाओं ने बड़े-बड़े पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया और कई मकानों को नुकसान पहुंचाया। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थित एक टोल प्लाजा की छत तक उड़ गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

कच्चे मकानों पर सबसे ज्यादा असर

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान इस आंधी-तूफान का सबसे बड़ा शिकार बने। कई जगहों पर मिट्टी की दीवारें अचानक ढह गईं, जिससे घरों के अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। इन हादसों में बच्चों और बुजुर्गों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जो इस त्रासदी को और भी दुखद बना देती हैं। गांवों में रहने वाले लोगों के पास सुरक्षित पक्के मकान न होने के कारण वे ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं।

 अमेठी और अयोध्या में भी जानलेवा घटनाएं

अमेठी और अयोध्या जिलों में भी हालात चिंताजनक रहे। दोनों जिलों में 3-3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अयोध्या में एक वृद्ध महिला की मौत पेड़ गिरने से हुई, जबकि अन्य लोग दीवार गिरने और बिजली के खंभे गिरने से हादसे का शिकार बने। पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी कुल 5 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिससे यह साफ है कि यह प्राकृतिक आपदा पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से फैली हुई थी।

बिजली और यातायात व्यवस्था चरमराई

तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए और तार टूट गए, जिससे लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई इलाकों में अंधेरा छा गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ा।

ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान

कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। गेहूं और अन्य फसलें, जो कटाई के लिए तैयार थीं, ओलों की मार से बर्बाद हो गईं। किसानों का कहना है कि पहले से ही मौसम की अनिश्चितता के कारण वे परेशान थे, और अब इस आपदा ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है।

प्रशासन और सरकार की त्वरित कार्रवाई

घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया और प्रभावित क्षेत्रों में टीमों को तैनात किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट और आगे की चेतावनी

मौसम विभाग ने पहले ही आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद इस स्तर की तबाही ने सभी को चौंका दिया। लखनऊ समेत कई जिलों में आगे भी ऐसे मौसम की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

 बदलता मौसम, बढ़ता खतरा

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के अचानक और तीव्र मौसम बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकते हैं। पहले जहां गर्मी और बारिश के मौसम स्पष्ट रूप से अलग होते थे, अब उनके बीच की सीमाएं धुंधली होती जा रही हैं। ऐसे में भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ सकती है, जिसके लिए हमें पहले से तैयार रहने की जरूरत है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे घरों में सुरक्षित रहें। खासकर कच्चे मकानों में रहने वाले लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, खुले स्थानों में न जाएं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें।