- प्रदेश भर में चार मई को नौ घंटे के लिए खुली दुकानों से 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हुई है।
लखनऊ. यूपी में घट रहे राजस्व को बढ़ाने के लिए यूपी सरकार ने लॉकडाउन थ्री में शराब की दुकानों को खोलने का निर्देश दिया, जिसके बाद पहले दिन सोमवार को दुकानों के बाहर जो मंजर दिखा वह शायद पहले कभी नहीं दिखे गया हो। दुकानों के बाहर खरीदारों की लगी लंबी-लंबी कतारें मोटे मुनाफे में तब्दील हुईं। प्रदेश भर में नौ घंटे के लिए खुली दुकानों से 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हुई है। इससे सरकार भी खुश और ग्राहक भी खुश हैं, लेकिन शराब का सेवन करने वालों के खुश होने की एक और वजह है। वह है दिल्ली में शराब का महंगा होना। जिसके बाद अब तुल्नातमक रूप से यूपी की शराब दिल्ली से सस्ती हो गई है।
इतना है दाम में फर्क-
दिल्ली सरकार ने वहां बिकने वाली शराब की एमआरपी पर 70 प्रतिशत कोविड-19 टैक्स लगा दिया। जिसके बाद वहां की शराब के रेट में भारी इजाफा हुआ है। उदाहरण के तौर पर 100 पाइपर्स की एक बोतल की कीमत पहले 2000 की थी। लेकिन टैक्स लगने के बाद अब यह 3400 रुपए हो गई है। तो वहीं यूपी में इसके दाम 2030 है। अन्य ब्रॉंड रॉयल स्टैग की बात करें तो पहले यह दिल्ली में 450 रुपए की थी, 70 फ़ीसदी टैक्स के बाद अब इनकी कीमत 765 रुपए हो गई है। यूपी में इसकी कीमत 600 रुपए है।
क्या यहां लगेगा टैक्स-
40 दिन के लॉकडाउन में यूपी सरकार को राजस्व का बड़ा नुक्सान तो हुआ है। इसका अंदाजा यूं लगाया जा सकता है कि आबकारी विभाग से सरकार को अप्रैल में जो 3560.13 करोड़ रुपये मिलना था, उसकी जगह केवल41.96 करोड़ रुपए ही मिला है। इसके कोई दो राय नहीं कि अबकारी राजस्व के बड़े स्रोतों में से एक है। और टैक्स बढ़ाकर सरकार घाटे की भरपाई कर सकती हैं। दिल्ली की तर्ज पर यूपी में भी शराब पर टैक्स लगाने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन प्रमुख सचिव आबकारी संजय भूसरेड्डी की मानें तो फिलहाल अभी ऐसा होने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि फिलहाल यूपी में शराब की कीमतों में कोई इजाफा नहीं होगा, हालांकि मंगलवार को आबकारी विभाग की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है।