BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी के इस बड़े समाजवादी पार्टी के नेता से मुलाकात भी कर ली है...
लखनऊ. पूर्व सपा नेता और मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रह चुके राज्यसभा सांसद अमर सिंह जल्द ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता के साथ मिलकर नई पार्टी बनाने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों नेताओं ने नई पार्टी बनाने की योजना पर काम करना भी शुरू कर दिया है। दरअसल सपा के इस बड़े नेता के साथ मिलकर नई पार्टी बनाकर अमर सिंह अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के वोटरों को तोड़कर अपने साथ जोड़ना चाहते हैं और अमर सिंह इस प्लान को बीजेपी भी पीछे सपोर्ट कर रही है। सूत्रों से जानकारी तो यहां तक है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी के इस बड़े सपा नेता से हरियाणा में गुपचुप मुलाकात भी की है।
पार्टी का नाम फाइनल
सूत्रों के मुताबिक अमर सिंह ने सपा नेता के साथ मिलकर अपनी नई पार्टी का नाम भी फाइनल कर लिया है। इसके साथ ही नई पार्टी के पदाधिकारी भी नियुक्त किए जा चुके हैं और 15 अगस्त के बाद कभी भी अमर सिंह की तरफ से नई पार्टी का ऐलान हो सकता है। जानकारी के मुताबिक जो सपा नेता अमर सिंह के साथ मिलने जा रहे हैं उनको पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तवज्जो नही मिल रही है और इसके चलते वह पिछले काफी समय से
उनसे नाराज भी चल रहे हैं। पार्टी में हाशिये पर कर दिए जाने के चलते ही वह बीते दिनों हुआ समाजवादी पार्टी की कार्यकारणी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे।
2019 में अमर सिंह उतारेंगे अपने कैंडीडेट
अमर सिंह के प्लान के मुताबिक वह जो नई पार्टी बनान जा रहे हैं उसका ध्यान पश्चिमी यूपी पर ज्यादा होगा। अमर सिंह 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी नई पार्टी से कुछ सीटों पर कैंडीटेट भी उतारने का मन बना चुके हैं और इसको लेकर बीजेपी के साथ जोरों पर चर्चा चल रही है। प्लान के मुताबिक इन उम्मीदवारों के समर्थन में बीजेपी भी कैंडिडेट उतारेगी। जिससे सपा-बसपा दोनों को नुकसान होगा।
सपा-बसपा को होगा बड़ा नुकसान
जो नाराज सपा नेता अमर सिंह के साथ मिलकर नई पार्टी बना रहे हैं वह लगातार कई जिलों में लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी मुलाकात अलग-अलग जिलों में बड़े नेताओं के साथ भी लगातार हो रही है। जानकारी है कि ये सपा नेता अखिलेश यादव को बड़ झटका देने के मूड में है और कई जिलों के बड़े नेताओं को अपने साथ ले जाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही आपको बता दें कि अखिलेश और मायावती के साथ आते ही राजा भैया सपा से दूर हो गए हैं। अब ऐसे में अगर अगर अमर सिंह भी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में आते हैं तो ठाकुर पूरी तरह से सपा-बसपा से मुंह मोड़ लेगा। वहीं दूसरी तरफ सपा के नाराज नेता यादव वोट अपने साथ ले जाएंगे जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होना निश्चित है।
ऐसे हुई अमर सिंह की वापसी
दरअसल राजनीति में हासिये पर चल रहे अमर सिंह अचानक चर्चा में तब आए जब लखनऊ में हो रहे यूपी सरकार एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमर सिंह की तरफ इशारा किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि जिनकी नीयत साफ नहीं, वे पर्दे के पीछे कारोबारियों से मिलते हैं। अमर सिंह के पास इन सबका इतिहास है। जिसके बाद अमर सिंह ने भी बिना देर किए खुद को पीएम मोदी का प्रशंसक बताया और कहा कि मेरी जितनी भी जिंदगी बचा है वह उन्हीं के नाम है। हालांकि अमर सिंह ने यह भी कहा कि इनका बीजेपी में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।