
लखनऊ . किसी वक्त अखिलेश यादव को गोद में खिलाने का दावा करने वाले अंकल अमर सिंह ने सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बेहूदा और घटिया आदमी घोषित कर दिया। मुलायम सिंह के खास लोगों में शुमार 'अंकल' अमर सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी करके मुंहबोले भतीजे अखिलेश यादव पर बेहद तीखा हमला बोला है। अमर सिंह ने अखिलेश के समाजवादी जिंदगी को भी कठघरे में खड़ा किया है।
अमर अंकल के वीडियो संदेश में तीखी बातें
वीडियो में समाजवादी पार्टी से निष्कासित राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा है - क्या मैंने आवंटित बंगले का स्वरूप बदल दिया। सार्वजनिक विभाग के खर्चे से नहीं, बल्कि अपने खर्चे से बंगले का कायाकल्प गिरीश सांघीजी ने भी कराया था और हमने भी किया है। गिरीश सांघीजी सांसद नहीं रहे। बीच में रामगोपाल यादव और अखिलेश की कृपा से 13 महीने तक मैं भी सांसद नहीं रहा, लेकिन बंगले की टाइल्स नहीं उखाड़ीं, जोकि हमने अपने पैसे से लगाई थीं। किसी भी सूरत में सरकारी बंगले की शोभा नहीं उजाड़ी, जो हमने सरकारी पैसे से नहीं, अपने पैसे से कराई थी। अमर अंकल ने अपने वीडियो संदेश में सवाल पूछा है कि अखिलेश यादव जी यह बताएं कि जिस बंगले में वह रहते थे उस बंगले का एसी, उस बंगले की दर-ओ-दीवार और उस बंगले का उखड़ा हुआ संगमरमर का पत्थर राज्य के राजस्व के खर्चे का था या उनके जेब के खर्चे का था। यदि उनकी जेब का था तो क्या उन्होंने इतनी आयकर रिटर्न भरा है। क्या दिखाया है कि इतना पैसा है कि इटालियन मार्बल लगा लें, सौ-सौ एसी लगा लें। इतना पैसा है नहीं तो अंबानी से बढिय़ा स्तर समाजवादी का कैसे था।
समाजवादी नहीं बल्कि पूंजीवादी और अवसरवाद हैं अखिलेश
राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने अखिलेश पर जुबानी हमले में कहा है कि आप समाजवादी हैं या पूंजीवादी या अवसरवादी या घटिया तरीके से धन का उपार्जन गायत्री प्रसाद प्रजापति अवैध खनन करने वाले कथित बलात्कारी के सहयोग से कालेधन को लेकर अपने जीवन की शैली को उच्च करने वाले व्यक्ति हैं। हमने बंगला बनाया था तो हम उद्योगपति हैं। हम आयकर देते हैं, हमारे पास उसका हिसाब है। अमर सिंह ने वीडियो में अखिलेश यादव से कहा, 'आप हिसाब दीजिए जनता को कि सौ एसी कैसे थी, स्वीमिंग पूल कैसे था। अगर यह सब आपके पैसे से था तो यह पैसा आपने कैसे कमाया। खेती से कमाया या इटावा के कोल्ड स्टोरेज से कमाया था। इस पैसे का फ्लो क्या। अगर सरकार का था तो सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आपको क्या अधिकार है। इस तरह के घटिया और बेहूदा व्यक्ति को, जिसका मन इतना छोटा है, ऐसे लोगों के लिए ही अटल बिहारी वाजपेयीजी ने कहा है कि छोटे मन से कोई राजनीति नहीं होती और कोई बड़ा काम नहीं होता है। आपको अपना पिता पसंद नहीं, अपना परिवार पसंद नहीं है और अपना बंगला भी तब पसंद नहीं जब सुप्रीम कोर्ट उसे आपसे छीन ले, तो यह बाल हठ कब छोड़ेंगे आप।'
अखिलेश ने खुद ही बनवाया था बंगला
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री रहते हुए 4, विक्रमादित्य मार्ग पर यह बंगला बनवाया था। इसे सजाने के लिए राज्य सम्पत्ति विभाग ने दो किस्तों में 42 करोड़ रुपये जारी किए थे। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद वह इसमें रहने लगे थे। अखिलेश ने दो जून को ही बंगला खाली कर दिया था लेकिन कुछ सामान रखा होने की बात कहकर तब चाबी राज्य सम्पत्ति विभाग को नहीं सौंपी थी। शुक्रवार रात अखिलेश और मुलायम के बंगलों की चाबी राज्य सम्पत्ति विभाग को दे दी गई थी। बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया था।