लखनऊ

इटावा के पांच तो कानपुर समेत इन जिलों के लोग अमरनाथ में फंसे, संपर्क नहीं होने पर छटपटा रहे परिवार

Amarnath Hadsa: अमरनाथ में बादल फटने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोग फंसे हुए हैं। कुछ परिवारों का उनके परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।  

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Jul 09, 2022
Amarnath Hadsa Etawah Kanpur People Missing No contact with families

अमरनाथ में बादल फटने की घटना से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के श्रद्धालु फंसे हैं। कुछ परिवार ऐसे हैं जिनके अपने परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। इनमें इटावा के रहने वाले पांच श्रद्धालु भी शामिल हैं। इसके अलावा कानपुर और झांसी के लोग भी फंसे हुए हैं। हालांकि अभी संख्या साफ नहीं हुई है। लेकिन इनके परिवार पुलिस प्रशासन से मदद के गुहार लगाने पहुंचे। कानपुर में अब तक 7 तो वहीं झांसी के तीन लोग फंसे होने कू बात सामने आई है। हालांकि जाने वालों की संख्या अधिक है लेकिन बाकी परिवार सुरक्षित हैं।

इटावा में 2 जून को 66 श्रद्धालुओं का जो जत्था अमरनाथ गया था। उसके पांच लोग ऊपर ही फंसे हुये हैं। बादल फटने की जानकारी मिलने के बाद से इनके परिवार वाले खासे परेशान हैं। जत्था ले जाने वाले अमरनाथ बर्फानी सेवा मंडल के अध्यक्ष ओमरतन कश्यप ने बताया कि वह 66 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था लेकर यहां से रवाना हुये थे। 61 श्रद्धालु दर्शन करके शुक्रवार की सुबह बालटाल पहुंच गये हैं, जबकि पांच श्रद्धालु भाजपा नेता गजेंद्र मिश्रा, उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा, लखना के रहने वाले बीनू दुबे, शहर के रामचंद्र व सुशीला देवी ऊपर ही फंसे हैं। उन्होंने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं हैं, ये पांचों लोग सुरक्षित हैं। रेस्क्यू चल रहा है, घायलों को पहले निकालकर इलाज को भेजा जा रहा है।

बुलंदशहर के 50 से अधिक यात्री

बुलंदशहर के 50 से अधिक यात्री भी अमरनाथ यात्रा में फंसे हुए हैं। करीब 150 श्रद्धालुओं के तीन अलग-अलग जत्थे बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए गए थे। 100 श्रदालुओं ने बृहस्पतिवार तक बाबा के दर्शन कर लिए थे। बाकी 50 श्रद्धालु यात्रा पर है। अमरनाथ यात्रा पर गए शिव सेना के नगर प्रमुख प्रवेश लोधी, राजा लोधी, नानक चंद, सुभाष लोध आदि ने बताया की बुलंदशहर के दो जत्थों ने बृहस्पतिवार को दर्शन कर लिए थे।

पुलिस प्रशासन से कर रहे संपर्क

कानपुर पुलिस कमिश्नर के अनुसार घटना के बाद जिन परिवारों का संपर्क उनके परिजनों से नहीं हो पा रहा है, उनसे बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक झांसी, कानपुर, इटावा और आस-पास के जिलों से कुछ मामले आए हैं। बाकी दर्शन के लिए गए लोग सुऱक्षित हैं।

Published on:
09 Jul 2022 10:42 am
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