
Anil Dujana Encounter: कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना के एनकाउंटर के बाद उसके जीवन से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। बताया जाता है अनिल दुजाना लग्जरी लाइफस्टाइल जीना चाहता था। इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार था। आसपास इंडस्ट्री एरिया होने के बावजूद उसने नौकरी में अपना भविष्य साकार नहीं समझा और जल्दी अमीर बनने के चक्कर में कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी के लिए अवैध सरिया का कारोबार करने लगा।
करोडों रुपए कमाने के चक्कर में कब्जाई जमीनें
इस दौरान वह 10 हजार से लेकर 25 हजार तक के जूते पहनता था। डेढ़ लाख से अधिक की घड़ी पहनता था। महंगी गाड़ियों में घूमने का शौक था। उस समय तक उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। करोड़ों रुपये कमाने के बाद उसे नाम कमाने की भी ललक लग गई।
उसके गैंग की नोएडा, ग्रेटर नोएडा से लेकर तमाम जिलों में जमीनों पर कब्जे कर रखे थे। कई प्रॉपर्टी ऐसी थीं, जिनसे हर महीने वह लाखों रुपये का किराया वसूलता था।
विवादित प्रॉपर्टी में एकतरफा फैसला सुना देता था
अनिल दुजाना गैंग 2010 के बाद इतना मजबूत हो गया कि जिले में विवादित प्रॉपर्टी के फैसले एकतरफा सुनाने लगा। नोएडा-गाजियाबाद से लेकर एनसीआर के तमाम व्यापारी और लोग अपनी विवादित प्रॉपर्टी के विवाद को सुलझाने के लिए अनिल दुजाना के पास पहुंचते थे। वह विवादित प्रॉपर्टी की कीमत के आधे रुपये लेता और दूसरी पार्टी को धमकी देकर फैसला करा देता था।
100 से अधिक प्लॉट होने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार अनिल दुजाना के ग्रेटर नोएडा में 100 से अधिक प्लॉट और 150 से बीघा से अधिक जमीन होने की चर्चा है। जीटी रोड से लेकर सिकंदराबाद, गाजियाबाद, नोएडा समेत तमाम जगह उसके प्लॉट गुर्गों के नाम पर हैं। कई प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जो उसके नाम पर नहीं हैं और हर महीने लाखों रुपये किराया अनिल दुजाना वसूलता था। छपरा वाला और आसपास की कंपनियों से वसूली और ट्रांसपोर्ट स्क्रैप के ठेके उसके गुर्गों के नाम पर थे।
27 अप्रैल को फिर दर्ज हुआ था दुजाना के खिलाफ मुकदमा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खूंखार गैंगस्टर अनिल दुजाना हाल ही में दिल्ली तिहाड़ जेल से 10 अप्रैल को आर्म्स एक्ट में जमानत पर बाहर आया था। जेल से आने के बाद ही इसने चमन भाटी हत्याकांड के गवाह को धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने 27 अप्रैल को अनिल दुजाना समेत 11 लोगों के खिलाफ वादी की शिकायत पर दादरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।