30 साल से यूपी की राजनीति में वनवास झेल रही कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2022 को फतह करने के लिए इन दिनों प्रशिक्षण से पराक्रम अभियान चला रही है।
लखनऊ. Uttar Pradesh Assembly elections 2022 उत्तर प्रदेश कांग्रेस को अभय बनाने में जुटीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को यहां के नेताओं ने भयभीत कर दिया है। 30 साल से यूपी की राजनीति में वनवास झेल रही कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2022 को फतह करने के लिए इन दिनों प्रशिक्षण से पराक्रम अभियान चला रही है। इसके जरिए प्रियंका गांधी कांग्रेस की विजय सेना बनाना चाहती हैं। लेकिन, प्रियंका को बड़ा झटका लगा है। सेना गठन से पहले ही पार्टी में भगदड़ मच गयी है। छह दिन पहले लखनऊ प्रवास पर आयीं प्रियंका वीक ऑफ में दिल्ली पहुंचीं। इस बीच उनके राजनीतिक सलाहकार समेत 3 पूर्व विधायकों और एक पूर्व सांसद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इन सभी ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है।
सलाहकार ने ज्वाइन की सपा
कांग्रेस से लंबे समय से जुड़े विनोद चतुर्वेदी प्रियंका गांधी की कोर टीम मेम्बर थे, साथ ही वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पूर्व उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2007 में उरई विधान सभा से यह कांग्रेस के विधायक थे। 2012 और 2017 में माधौगढ़ सीट से चुनाव में हार मिलने के बाद से पार्टी में प्रियंका के सलाहकार की भूमिका के रूप में काम कर रहे थे। विनोद सपा में शामिल हो गए हैं।
दयाराम अनुरागी ने भी छोड़ा साथ
हमीरपुर की राठ विधानसभा सीट से विधायक रहे गयादीन अनुरागी कांग्रेस के टिकट पर 2012 में रिकॉर्ड वोटों से जीते थे। यह अब कांग्रेस में नहीं हैं। इसी तरह मिर्जापुर की मडिय़ांव विधानसभा सीट से विधायक रह चुके ललितेशपति त्रिपाठी भी सपा में शामिल हो चुके हैं। बलरामपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके रिजवान जहीर ने भी समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है।
अभय कांग्रेस खड़ा करने का वादा
प्रियंका गांधी ने कहा था कि वह सप्ताह में 5 दिन यूपी में रहेंगी। जबकि, 2 दिन दिल्ली रहकर पार्टी के कामों में हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा था कि वह यूपी में अभय कांग्रेस संगठन खड़ा करना चाहती हैं। साथ ही विजय सेना गठित करेंगी। यह सेना यूपी कांग्रेस का कायाकल्प कर देगी। इसी सिलसिले में पार्टी यूपी में प्रशिक्षण से पराक्रम कार्यक्रम चला रही है।
कांग्रेस टास्क फोर्स
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पेशल कांग्रेस टास्क फोर्स का भी गठन किया है। यह न्याय पंचायत अध्यक्ष व बूथ अध्यक्षों का सत्यापन करेगी। उसके बाद ही उन्हें गांव-गांव भेजकर वोटर्स को मजबूत करने का काम करेगी।