पिछड़े वर्ग के वोटों को अपनी तरफ खिंचने के लिए भाजपा ने बनाया बड़ा प्लान।
लखनऊ. अखिलेश यादव यूपी में पिछड़े वर्ग में सबसे बड़े चेहरा हैं, उनके मुकाबले किसी भी पार्टी में कोई ऐसा पिछड़े वर्ग का चेहरा नहीं है जो उनको टक्कर दे सके, लेकिन भाजपा ने अखिलेश यादव को टक्कर देने के लिए अपने सहयोगी दल अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को यूपी में एनडीए का पिछड़ा चेहरा के तौर पर पेश करेगी। यूपी में करीब ३५ प्रतिशत पिछड़ी जातियां हैं, जिसमें से 13 प्रतिशत यादव और 12 प्रतिशत कुर्मी हैं। ऐसे में भाजपा अनुप्रिया पटेल के जरिए इन जातियों के वोटों को अपनी तरफ खिचने की कोशिश कर रही है।
इसलिए अनुप्रिया पर जताया भरोसा
अनुप्रिया पटेल अपना दल की अध्यक्ष हैं वह 2014 के लोकसभा चुनाव में मिर्जापुर से सांसद चुनी गईं उसके बाद केंद्र की एनडीए गवर्नमेंट में उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री बनाया गया। वहीं 2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी अपना दल ने शानदार प्रदर्शन किया। अपना दल को आठ सीटें मिली थीं। अपना दल एनडीए का हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जाति का करीब 25 प्रतिशत वोट है, जिसमें 13 प्रतिशत यादव, 12 प्रतिशत कुर्मी और 10 प्रतिशत में अन्य पिछड़ी जातियां शामिल हैं। ऐसे में देखा जाए तो भाजपा ने अनुप्रिया पटेल को यूपी में एनडीए का पिछड़ी जाति का चेहरा पेश करने की एक सोची समझी रणनीति है। अनुप्रिया पटेल जिस जाति से जाती हैं उस जाति का यूपी में वोट 12 प्रतिशत है। अगर १२ प्रतिशत कुर्मी वोट भाजपा ने अपने पाले में कर लिया तो कई सीटों पर वह जीत दर्ज कर सकती हैं।
महिला होना भी है फायदेमंद
अनुप्रिया पटेल युवा महिला सांसद हैं। महिला होने के कारण महिलाओं का वोट भी उनकी तरफ खिंचेगा। वह तेज तर्रार नेता हैं और भाजपा चाहती है कि यूपी में अनुप्रिया पटेल के जरिए पिछड़ी जातियों का वोट एनडीए की तरफ आकर्षित किया जाए।
अमित शाह ने बनाई बड़ी रणनीति
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चार और पांच जुलाई को यूपी में चुनावी रणनीति तैयार की और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने मिर्जापुर के विंध्याचल और आगरा में पार्टी कार्यकर्ताओं को 2019 के लोकसभा चुनाव तैयारियां करने के साथ ही जीत के लिए रणनीति पर विचार विमर्श किया। वहीं अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल को यूपी में एनडीए का पिछड़ा वर्ग के चेहरे के तौर पर पेश किया है। यह भाजपा की बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा है।