सुविधाएं ना होने के बावजूद बनाई अपनी पहचान, पिता चलाते है जनरल स्टोर, कड़ी मेहनत से मिला दूसरा स्थान। पिता के आंखों में आए आंसू।
लखनऊ से 25 किलोमीटर दूर औलाद अली का पुरवा गांव में शिक्षा की रोशनी की चमक लखनऊ से ही नज़र आ रही थी, उसकी वजह गांव की बिटिया अनुष्का ने हाई स्कूल में 95.8 % ( 575/600 ) बाल गाइड इंटर कालेज में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए और स्कूल प्रसाशन के साथ - साथ अपने माता- पिता का भी नाम रोशन किया है।
स्कूल और घर पर की पढ़ाई
अनुष्का ने किसी तरह की कोचिंग नहीं कि उसमें घर पर रहकर पढ़ाई पूरी की है। वह इसका श्रेय अपने स्कूल की टीचर और अपनी बड़ी बहन को देती है। जिन्होंने पॉजिटिव सोच को बनाए रखने में मद्दत की।
अनुष्का ने बताए अपनी सफलता मंत्र
अनुष्का ने बताया कि मैं पढ़ाई छह से सात घंटे पुरे मन के साथ करती हूं। फोन का प्रयोग ज्यादा नही करते है । पढ़ाई के साथ साथ डांसिंग, अच्छी अच्छी किताबे पढ़ना , क्राफ्ट की चीजों को बनाना बहुत अच्छा लगता है। मेरे मम्मी पापा मेरे आदर्श है, वो दोनों बहुत ख्याल रखते है, और हमारी जरूरतों को पूरा करते है।
समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी
मैं इंजीनियर बन कर अपने परिवार की जिम्मेदारी में सहयोग करना चाहती हूं, उनको इतनी खुशी देना चाहती हूं, जितना उन्होंने सोचा ना हो। साथ ही समाज के लिए भी काम करने है, जो एक नया बदलाव लाए। समाज बदलेगा ,देश तरक्की करेगा।
बोला परिवार मेरी बेटियां मेरा गुरुर
पिता गरुण कुमार ने बताया कि मेरे पास कोई काम है लेकिन कुछ ना कुछ मजदूरी करता रहता हूँ। जिससे मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी पूरी कर सकू। उन्होंने कहाकि बिटिया बचपन से ही पढ़ने में बहुत तेज है। आज उसने मेरा सर गर्व से ऊंचा कर दिया । जिसकी मुझे बहुत खुशी है।