‘भाजपा से गठबंधन नहीं तो अकेले लड़ेंगे चुनाव’

इस नेता का बड़ा खुलासा ..भाजपा को हो सकता है नुकसान

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Dec 14, 2016
haribansh singh 1
संतोष कुमार पांडेय , उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में अपना दल की क्या भूमिका होगी? इस मसले पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रतापगढ़ से सांसद हरिबंश सिंह से बातचीत के अंश :
क्या आपकी पार्टी विधान सभा चुनाव अकेले लड़ेगी ?
अभी हम भाजपा से गठबंधन करना चाह रहे है। अभी कुछ तय नहीं हुआ है लेकिन हमारी प्राथमिकता में भाजपा से गठबंधन ही है । हमारी पार्टी ने पहले भी भाजपा के साथ विधानसभा चुनाव लड़ा है।
भाजपा से गठबंधन न होन पर पार्टी की रणनीति क्या होगी ?
हम भाजपा से ही गठबंधन करेंगे। नहीं तो अकेेले चुनाव मैदान में उतरेंगे। हमारी पार्टी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी। लेकिन अन्य पार्टियों से गठबंधन नही होगा।
चुनाव में आपकी पार्टी का क्या एजेंडा होगा ?
अभी कुछ तय नहीं है। जब चुनाव में जाएंगे तो एजेंडा बतायेगे।
जानिए अपना दल के बारे में
स्थापना
4 नवंबर, 1995
मत प्रतिशत
2012 में 4.86 प्रतिशत मत मिले
विधान सभा में एक सीट और लोकसभा में 2 सीटों पर जीत।
उत्तर प्रदेश में वैसे तो दो सौ से अधिक छोटी पार्टियां चुनाव लड़ती हैं लेकिन उनमें अपना दल का तेवर अलग है। इस पार्टी ने भले ही कम सीटें विधानसभा या लोकसभा में जीतीं हो लेकिन जनाधार बढ़ा है। 2007 विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में 50 सीटों पर अद ने चुनाव भी लड़ा था। जिसमें एक भी सीट भले ही जीतने का अवसर न मिला लेकिन भाजपा को फायदा हुआ था। 2012 के विधानसभा चुनाव में अद ने अकेले चुनाव लड़ा था जिसमें एक सीट पार्टी को जीत के रुप में मिली।
लोस चुनाव में बड़ा फायदा
2014 के लोकसभा चुनाव में जहां मोदी लहर में बसपा का खाता नहीं खुला वहीं यूपी से ही अपना दल ने दो सीटों पर कब्जा किया। हालांकि अपनादल और भाजपा का लोकसभा चुनाव में यूपी में गठबंधन था। मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल और प्रप्रतापगढ़ लोकसभा सीट से हरिबंश सिंह को जीत मिली थी।
अनुप्रिया ही 'पार्टी' बनी
अनुप्रिया पटेल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में वाराणसी के रोहनिया से चुनाव जीता। हालांकि अद को 4.86 प्रतिशत मत मिले थे। 2014 के आमचुनाव में भी अपना दल को दो सीटों पर जीत मिली।
इन्होंने की थी स्थापना
सोनेलाल पटेल ने अपना दल पार्टी की स्थापना 4 नवंबर 1995 को की थी। वर्ष 2000 और 2002 में पार्टी ने विधानसभा चुनाव लड़ा था। जिसमें पार्टी 2002 में केवल तीन सीटें जीत पाई। 2009 में सोने लाल पटेल की कार दुर्घटना में मौत हो गई। उसके बाद से उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल पार्टी को लीड कर रही है।

Published on:
14 Dec 2016 02:46 pm
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