लखनऊ

एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी को बड़े भाई ने दी मुखाग्नि, अंतिम संस्कार में दिखा ऐसा गमगीन नजारा

विवेक तिवारी के अंतिम संस्कार के बाद भी इस हत्याकांड से जुड़े कई राज अभी खुलने बाकी हैं...
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Sep 30, 2018
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एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी को बड़े भाई ने दी मुखाग्नि, अंतिम संस्कार में दिखा ऐसा गमगीन नजारा

लखनऊ. लखनऊ के गोमती नगर में पुलिस कॉन्सटेबल प्रशांत चौधरी की गोली से मारे गए एप्पल के एरिया सेल्‍‍‍स मैनेजर विवेक तिवारी का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया गया। बड़े भाई राजेश तिवारी ने विवेक तिवारी को मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन था।

विवेक तिवारी के अंतिम संस्कार के दौरान लखनऊ के भैंसाकुंड में योगी सरकार के मंत्री बृजेश पाठक और आशुतोष टंडन मौजूद रहे। वहीं अतिंम संस्कार से पहले विवेक तिवारी के घर पर कड़ी सुरक्षा के बीच उनके पार्थिव शरीर को रखा गया। इसके साथ ही भैंसा कुंड में भी सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी थी।

न्याय दिलाने का भरोसा

हांलाकि विवेक तिवारी के अंतिम संस्कार के बाद भी इस हत्याकांड से जुड़े कई राज अभी खुलने बाकी हैं। इस अनसुलझी गुत्थी के सुलझने के बाद ही पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा। वहीं विवेक तिवारी के अंतिम संस्कार में पहुंचे योगी सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वहीं इससे पहले विवेक तिवारी के पार्थिव शरीर को उनकी पत्नी कल्पना तिवारी ने घर से अंतिम विदाई दी। कल्पना तिवारी के परिवार के सभी लोगों ने विवेक तिवारी के पार्थिव शरीर पर माला और फूल चढ़ाए।

पत्नी को नौकरी और 25 लाख का मुआवजा

पति विवेक तिवारी की हत्या के मामले में पत्नी कल्पना तिवारी ने गोमतीनगर थाने में तहरीर दी है। विवेक तिवारी के साथ गाड़ी में मौजूद उनकी सहकर्मी सना की तरफ से भी हत्या का मुकदमा लिखाया गया है। वहीं इससे पहले लखनऊ के डीएम कौशल राज शर्मा ने मृतक विवेक तिवारी के परिवार को 25 लाख के मुआवजे के साथ ही पत्नी कल्पना तिवारी को नगर निगम में अधिकारी पद पर नौकरी दिए जाने की घोषणा की।

दरअसल विवेक तिवारी की पत्नी और उनका परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं था। उनकी मांग थी कि विवेक की पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपए का मुआवजा और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। जिसपर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के लिखित आश्वासन के बाद परिजन विवेक तिवारी के अंतिम संस्कार को राजी हुए।

जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच

वहीं इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विवेक तिवारी की हत्या को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई मुठभेड़ का मामला नहीं है। हमने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार और बर्खास्त किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरत पड़ेगी तो हम इस पूरे मामले की सीबीआई से भी जांच कराएंगे। आपको बता दें कि फिलहाल इस मामले की जांच के लिए लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडे की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है।

Published on:
30 Sept 2018 10:57 am