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‘क्या अखिलेश यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी CJP?’ यूपी विधानसभा चुनाव से पहले नए गठबंधन की चर्चाएं तेज

UP Elections: सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सीजेपी नेता आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे है।
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Akhilesh Yadav and Ashutosh Ranka

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सीजेपी नेता आशुतोष रांका (फाइल फोटो)

Will CJP Contest UP Elections With SP Support: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं। राजधानी लखनऊ में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सीजेपी नेता आशुतोष रांका की बैठक ने नई अटकलों को जन्म दिया है। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है कि क्या दोनों पक्षों के बीच कोई समझदारी बन सकती है।

अखिलेश-रांका मुलाकात ने बढ़ाई अटकलें

एक दिन पहले प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अखिलेश यादव और सीजेपी पदाधिकारी आशुतोष रांका के बीच मुलाकात हुई थी। बैठक के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनाव के मद्देनजर संभावित सहयोग की दिशा में कदम बता रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों ने आधिकारिक रूप से कोई बड़ा बयान नहीं दिया।

सीजेपी नेताओं का इंटरव्यू में जवाब

सीजेपी से जुड़े सौरभ दास और रत्ना सिंह से जब पूछा गया कि अगर अखिलेश यादव या राहुल गांधी समर्थन दें तो क्या पार्टी चुनाव लड़ेगी, तो रत्ना सिंह ने साफ कहा, 'मुझे फ्यूचर का नहीं पता। मैं वर्तमान में जीने वाली हूं। हर फैसला रोज लेती हूं। आगे चुनाव लड़ूंगी या नहीं, यह अभी नहीं बता सकती।' उन्होंने जोर दिया कि वे मन के मुताबिक फैसले लेती हैं।

सपा का आधिकारिक रुख

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बैठक को आभार जताने वाली बताया। उन्होंने कहा कि सपा ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का समर्थन किया था और सदन में मुद्दा उठाया था। इसलिए यह मुलाकात हुई। सपा ने सीजेपी के अन्य राजनीतिक फैसलों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।

बैठक क्यों मानी जा रही महत्वपूर्ण

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह बैठक अहम मानी जा रही है। सपा बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरती रही है। अखिलेश यादव स्कूलों के बंद होने के मुद्दे पर बार-बार केंद्र और राज्य सरकार से सवाल पूछते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं ने डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की।

छात्रों और युवा मुद्दों पर फोकस

सूत्रों का कहना है कि चर्चा में छात्रों से जुड़े मुद्दे और युवा पीढ़ी की चिंताएं शामिल हो सकती हैं। पिछले महीने राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान रांका पर कथित हमले के बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से समर्थन जताया था। यही कारण बैठक का आधार बना।