विवेक हत्याकांड मामले को लेकर चश्मदीद के घर पहुंची SIT
लखनऊ. एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में एसआईटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। एसआईटी की एक टीम मंगलवार को चश्मदीद सना खान के घर पहुंची और सना को स्पॉट पर ले गई। इस दौरान सना के बयान के आधार पर क्राइम सीन को रीक्रिएट किया गया, फिर एसआईटी दफ्तर में बयान के लिये सना को एसआईटी दफ्तर ले जाया गया। इस दौरान एसआईटी जांच टीम के अध्यक्ष आइजी सुजीत पांडे और एसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। आईजी का कहना है कि अगर एसआईटी की जांच में कुछ सामने आता है तो आगे सीबीआई जांच के लिए अपील की जाएगी।
सना खान विवेक हत्याकांड में इकलौती चश्मदीद है। घटना वाली रात वह विवेक तिवारी के साथ मौजूद थी। सना ने अपने बयान में कहा था कि पुलिसवालों ने गाड़ी पर सामने से गोली मारी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, विवके को ऊपर से गोली मारी गई है। कहा जा रहा है कि आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने डिवाइडर पर खड़े होकर विवेक को गोली मारी थी।
विवेक तिवारी की मौत के बाद पहली बार सना खान ने खुलकर बताते हुए कहा कि घटना के वक्त वह विवेक के साथ ही गाड़ी में मौजूद थी। सर, मुझे गाड़ी से घर छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में सिपाही दिखाई दिखे जो गुस्से में थे। इसलिए गाड़ी रोकना सही नहीं लग रहा था। हमारी कार सिपाहियों से टच भी नहीं हुई थी, हम लोगों की पुलिस के साथ कोई बहस भी नहीं हुई थी। सना ने कहा कि जिस वक्त गोली मारी गई थी, उस वक्त मेरे पास फोन नहीं था। इसलिए किसी को फोन नहीं कर पाई। गोली मारने के बाद सिपाही मौके से फरार हो गए। इसके कुछ देर बाद पुलिस आ गई, लेकिन घटनास्थल पर पुलिस ने एम्बुलेंस को बुलाने में देर की और जीप में विवेक सर को डालकर लोहिया हॉस्पिटल ले गई। लोहिया हॉस्पिटल में डॉक्टर ने देखकर बताया कि सांस चल रही है। डॉक्टर ने पुलिस को पीजीआई ले जाने को कहा। लोहिया हॉस्पिटल पहुंचने तक पुलिस ने विवेक सर के परिवार का सूचना नहीं दी थी।