राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के
जिरियाट्रिक एवं मेन्टल हेल्थ विभाग में निकली दो असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की
नियुक्ति को लेकर आवेदनकर्ताओं में संशय बरकरार है। आवेदनकर्ताओं की मांग
है कि असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के दो पदों के पर नियुक्ति के लिए राज्यपाल की ओर
से कमेटी गठित की जाय। जो आवेदनकर्ताओं का इंटरव्यू ले।
आवेदनकर्ताओं
को इस बात का संशय है कि केजीएमयू की ओर से इंटरव्यू के लिए गठित की गयी
कमेटी में नियुक्तियों को लेकर गड़बड़ी की जा सकती है। जिससे उन्हें नुकसान
पहुँच सकता है। बता दें कि असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के दो पदों पर नियुक्ति को
लेकर इसी हफ्ते इंटरव्यू होना है।
आवेदनकर्ताआें के मुताबिक केजीएमयू वीसी आैर अन्य फैकल्टी को अगर इंटरव्यू कमेटी में शामिल किया गया तो उनकी आेर से अपने रिश्तेदारों आैर करीबियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इसलिए नियुक्ति में पारदर्शिता के लिए राज्यपाल की ओर से ऐसी कमेटी का गठन किया जाय जिसमें केजीएमयू के लोग न शामिल हों।
गौरतलब है कि इससे
पहले भी जिरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के पद पर डॉ.
प्रीति सिंह की नियुक्ति को लेकर विवाद उठा था। जिसके बाद राज्यपाल ने डॉ.
प्रीति सिंह की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया था।
इसको लेकर डॉ. प्रीति सिंह कोर्ट चली गयी थी। जिसके बाद कोर्ट ने डॉ.
प्रीति सिंह के सस्पेंशन आर्डर पर स्टे लगा दिया था।