
राम मंदिर (फाइल फोटो- पत्रिका)
Ram Mandir Donation Dispute Case Update Ayodhya: अयोध्याराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। ट्रस्ट की मौजूदा समितियों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिस पर 22 जुलाई को मणिराम दास छावनी में आयोजित होने वाली ट्रस्ट की बैठक में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट की मौजूदा समितियों को भंग कर उनका नए सिरे से पुनर्गठन करने पर चर्चा होगी। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कुछ समितियों में नए सदस्यों को जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने राम मंदिर के नए CEO की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ट्रस्ट का लक्ष्य अगले 1 महीने के भीतर इस पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना है।
CEO के चयन के लिए गठित 3 सदस्यीय समिति की दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और चयन प्रक्रिया से जुड़े मानदंड तय किए गए।
ट्रस्ट की ओर से निर्धारित पात्रता के अनुसार उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रशासन या वित्तीय क्षेत्र में कम से कम 20 सालों का अनुभव भी जरूरी रखा गया है। चयन के लिए यह भी अनिवार्य होगा कि उम्मीदवार हिंदू धर्म का अनुयायी हो। इन मानकों के आधार पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
CEO पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद चयन समिति योग्य उम्मीदवारों का साक्षात्कार करेगी और उनके नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजेगी। अंतिम नियुक्ति का निर्णय ट्रस्ट द्वारा लिया जाएगा।
चयनित CEO का कार्यकाल 3 साल निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक सचिव की नियुक्ति भी की जाएगी, जो पूरी प्रक्रिया के समन्वय में सहयोग करेगा।
राम मंदिर के नए CEO के चयन की जिम्मेदारी 3 सदस्यीय समिति को सौंपी गई है। इस समिति में परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावरे, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली और सेवानिवृत्त मेजर जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। यही समिति प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करेगी, योग्य उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेगी और अंतिम चयन के लिए नाम ट्रस्ट को भेजेगी।
राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में समितियों के पुनर्गठन, प्रशासनिक सुधारों और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। साथ ही नए CEO की नियुक्ति प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी, जिससे ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
Updated on:
12 Jul 2026 09:30 am
Published on:
12 Jul 2026 09:26 am
