
चंपत राय। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Ram Mandir Donation Dispute Case Update Ayodhya: राम मंदिरचढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) अपनी प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। ट्रस्ट की मौजूदा समितियों को भंग कर उनका पुनर्गठन किए जाने की संभावना है। प्रशासनिक व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कुछ समितियों में नए सदस्यों को जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। इन प्रस्तावों पर 22 जुलाई को मणिराम दास छावनी में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी व मजबूत बनाने से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इसमें नए गणनाकर्मियों (काउंटिंग स्टाफ) की भर्ती की योजना और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन ने सभी ट्रस्टियों को 22 जुलाई की बैठक की सूचना भेज दी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्य बैठक शाम 4 बजे शुरू होगी, जबकि उससे पहले दोपहर 3 बजे एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। एजेंडे के मुताबिक इस विशेष बैठक में ट्रस्ट के 3 रिक्त पदों के लिए नए नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। इनमें महासचिव का 1 पद और 2 सदस्य पद शामिल हैं।
पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में 2 पद रिक्त हो गए हैं। इसके अलावा राजा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद से 1 सदस्य का पद भी खाली है। ऐसे में कुल 3 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी किए जाने की संभावना है।
बैठक के एजेंडे में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगर निर्धारित समय तक SIT की अंतिम जांच रिपोर्ट ट्रस्ट को प्राप्त हो जाती है, तो बैठक में उस रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्यवाही और आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।
चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट दान गणना प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसी क्रम में नए गणनाकर्मियों की भर्ती की योजना पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अन्य सुधारात्मक प्रस्ताव भी बैठक में रखे जा सकते हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ट्रस्ट का लक्ष्य अगले एक महीने के भीतर नए सीईओ का चयन पूरा करना है।
CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें पद के लिए आवश्यक योग्यता और चयन मानदंड तय किए गए।
निर्धारित मानदंडों के अनुसार उम्मीदवार का स्नातक होना आवश्यक होगा। साथ ही प्रशासन या वित्तीय क्षेत्र में कम से कम 20 सालों का अनुभव होना जरूरी होगा। इसके अलावा उम्मीदवार का हिंदू धर्म का अनुयायी होना भी अनिवार्य रखा गया है।
CEO पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद चयन समिति योग्य उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर उनके नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजेगी। अंतिम चयन ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।
चयनित CEO का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा। चयन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एक सचिव की नियुक्ति भी की जाएगी।
CEO चयन समिति में परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावरे, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली और सेवानिवृत्त मेजर जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। यही समिति आवेदन की समीक्षा कर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी।
Updated on:
12 Jul 2026 08:08 am
Published on:
12 Jul 2026 08:08 am
