
Uttar Pradesh Congress President Aradhana Mishra Mona: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अराधना मिश्रा मोना ने स्वामी प्रसाद मौर्य और इंडिया ब्लॉक को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच हुई मुलाकात पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक किसी खास राज्य में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी में देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा गठित किया गया था। इसलिए गठबंधन में कौन शामिल होगा, यह फैसला उसके नेतृत्व स्तर पर ही लिया जाएगा।
स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस या इंडिया ब्लॉक में शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर अराधना मिश्रा मोना ने कहा कि इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं दोहराती हूं कि गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि इसमें कौन शामिल होगा।
उन्होंने एसआईआर के दौरान देशभर में 13 करोड़ नामों के कटने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह दावा किया जा रहा है कि जिनके नाम सूची में थे, वे सब घुसपैठिए थे। यह बड़ा सवाल है। उत्तर प्रदेश में खुद मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि 1.25 करोड़ से 1.5 करोड़ नाम काटे गए हैं। यह भाजपा की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर हुए जन आंदोलन और उत्साह की तारीफ करते हुए कहा कि यूपी के कार्यकर्ताओं ने सबसे अधिक संख्या में भाग लिया।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने भी इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभारी किससे मिलते हैं और क्यों मिलते हैं, यह कांग्रेस को तय करना है। वे जिसे उचित समझें, उससे मिल सकते हैं और हमसे भी मिलना जारी रख सकते हैं। जहां तक इंडिया ब्लॉक का सवाल है, चर्चा राहुल गांधी जी के स्तर पर हो रही है। जब वे अखिलेश यादव जी से इस पर चर्चा करेंगे, तो कोई मुद्दा होने पर वह जरूर सामने आएगा।
आपको बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य पहले समाजवादी पार्टी में थे और बाद में अपनी जनता पार्टी बनाई। उनकी कांग्रेस प्रभारी से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है कि क्या वे इंडिया ब्लॉक या कांग्रेस के करीब आ रहे हैं। हालांकि दोनों दलों ने अभी कोई ठोस संकेत नहीं दिया है।