बेसिक शिक्षा विभाग में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में एक महिला उम्मीदवार के नाम के चलते बवाल बढ़ गया...
लखनऊ. बेसिक शिक्षा विभाग में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में एक महिला उम्मीदवार के नाम के चलते बवाल बढ़ गया। दरअसल लिस्ट में अर्चना तिवारी नाम की अभ्यर्थी ने बाजी मारी है, जबकि उनकी मार्कशीट में कैटिगरी ओबीसी दर्ज है, जिसे लेकर लोगों ने आपत्ति भी जताई है। जबकि अर्चना ने नाम के साथ टाइटल तिवारी लगा रखा है। जो सामान्य जाति का है। हालांकि बाद में खुलासा हुआ है कि अभ्यर्थी अर्चना तिवारी ओबीसी कोटे से ही है। क्योंकि अर्चना तिवारी गुसाईं जाति से हैं, जो ओबीसी कोटे में है।
मार्कशीट सोशल मीडिया पर वायरल
दरअसल अर्चना तिवारी आजमगढ़ निवासी हैं और उनकी मार्कशीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। अंक पत्र पर अर्चना तिवारी पुत्री जगदीश प्रसाद दर्ज है। अभ्यर्थी ने 150 में से 114 अंक हासिल किये हैं, लेकिन अंकपत्र पर उसकी कैटेगरी ओबीसी लिखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सभी सवाल उठाने लगे कि जो उम्मीदवार नाम से जनरल कैटिगरी का हो, उसका चयन ओबीसी कैटिगरी में कैसे हो गया? मार्कशीट वायरल हुई तो 69 हजार शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में अच्छे अंको से पास करने वाली अर्चना तिवारी का चयन चर्चा में आ गया।
पेश करना होगा ओबीसी का सर्टिफिकेट
वहीं इस पूरे मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि अभ्यर्थी को ऑन लाइन आवेदन करना होता है। ऐसे में अर्चना तिवारी ने मूल आवेदन में ओबीसी ही लिखा है। इसलिए उसका चयन ओबीसी कैटेगरी में हुआ है। उन्होंने कहा है कि अगर अभ्यर्थी ओबीसी का सर्टिफिकेट नहीं पेश करेगा तो चयन समिति द्वारा उसका आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा। हालांकि अभी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा रखी है।