2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NDMA Alert Test: मोबाइल पर अचानक बजेगा इमरजेंसी अलर्ट, घबराएं नहीं,आज ट्रायल

NDMA Alert Test: मोबाइल पर अचानक आने वाले आपदा अलर्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। एनडीएमए 2 मई को देशभर में इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का परीक्षण कर रहा है।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

May 02, 2026

बीप की आवाज और अलर्ट संदेश से हो सकते हैं लोग चौंक, लेकिन यह केवल मॉक ड्रिल; आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत करने की पहल (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

बीप की आवाज और अलर्ट संदेश से हो सकते हैं लोग चौंक, लेकिन यह केवल मॉक ड्रिल; आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत करने की पहल (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Emergency Alert Test in India:  अगर शनिवार को आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज बीप की आवाज सुनाई दे और उसके बाद किसी महिला या पुरुष की आवाज में आपदा से जुड़ा अलर्ट संदेश सुनाई दे, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। यह किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे एक महत्वपूर्ण परीक्षण का हिस्सा है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) आज, 2 मई 2026 को देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण करने जा रहा है। इस परीक्षण का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों तक तेजी और प्रभावी ढंग से सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत करना है।

क्या है यह मोबाइल अलर्ट सिस्टम

सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से सरकार किसी भी आपात स्थिति-जैसे भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय सीधे नागरिकों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेज सकती है। इस प्रणाली की खास बात यह है कि यह अलर्ट बिना इंटरनेट के भी मोबाइल तक पहुंच सकता है। यानी यदि आपका डेटा बंद है या नेटवर्क कमजोर है, तब भी यह संदेश आप तक पहुंचेगा।

कैसे आएगा अलर्ट

इस परीक्षण के दौरान नागरिकों के मोबाइल फोन पर एक विशेष प्रकार का अलर्ट आएगा। इसके साथ ही तेज बीप की आवाज या वाइब्रेशन भी महसूस हो सकता है। कुछ मामलों में यह अलर्ट एक रिकॉर्डेड वॉयस मैसेज के रूप में भी सुनाई देगा। यह अलर्ट सामान्य मैसेज या कॉल की तरह नहीं होगा, बल्कि स्क्रीन पर विशेष रूप से प्रदर्शित होगा ताकि लोगों का ध्यान तुरंत उस पर जाए।

क्यों किया जा रहा है यह परीक्षण

एनडीएमए का यह कदम देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। भारत जैसे विशाल और विविध भौगोलिक परिस्थितियों वाले देश में समय पर सूचना पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। अक्सर देखा गया है कि आपदा के समय सूचना में देरी होने से नुकसान बढ़ जाता है। ऐसे में यह तकनीक लाखों लोगों तक एक साथ चेतावनी पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है।

लोगों से अपील: घबराएं नहीं

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक मॉक ड्रिल है और इसका किसी वास्तविक आपदा से कोई संबंध नहीं है। इसलिए यदि आपके मोबाइल पर ऐसा कोई अलर्ट आता है, तो घबराने या भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे इस परीक्षण को गंभीरता से लें और यह समझने की कोशिश करें कि आपातकालीन स्थिति में इस तरह के अलर्ट कैसे काम करते हैं।

सोशल मीडिया पर भी दी गई जानकारी

इस परीक्षण को लेकर विभिन्न राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी लोगों को पहले से जागरूक किया है। आंध्र प्रदेश के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी एक पोस्ट के माध्यम से नागरिकों को जानकारी दी है कि मोबाइल पर आने वाला अलर्ट केवल परीक्षण का हिस्सा होगा और इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

आपके लिए क्यों है यह जरूरी

यह परीक्षण केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आपकी सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। भविष्य में यदि कोई वास्तविक आपदा आती है, तो यही प्रणाली आपको समय रहते सतर्क कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग इस तरह के अलर्ट को नजरअंदाज न करें और इसके महत्व को समझें। यह आपके और आपके परिवार की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है।

किन-किन स्थितियों में होगा उपयोग

यह अलर्ट सिस्टम कई तरह की आपात स्थितियों में उपयोगी साबित हो सकता है, जैसे:

  • भूकंप की चेतावनी
  • बाढ़ या भारी बारिश का अलर्ट
  • चक्रवात या तूफान की सूचना
  • सुनामी चेतावनी
  • औद्योगिक दुर्घटनाएं या अन्य आपात घटनाएं

इन सभी परिस्थितियों में समय पर सूचना मिलना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

तकनीकी रूप से कितना प्रभावी

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पारंपरिक SMS प्रणाली से अलग होती है। इसमें एक साथ लाखों मोबाइल फोन पर संदेश भेजा जा सकता है, बिना नेटवर्क के ओवरलोड हुए। यह तकनीक खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों में अधिक प्रभावी मानी जाती है, जहां सामान्य कॉल या मैसेज सेवाएं अक्सर धीमी हो जाती हैं।