एसीजेएम चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने शाही की संपत्ति कुर्क करने का दिया आदेश, 24 वर्ष पुराने वा द में 11 वर्ष से अनुपस्थित रहने पर न्यायालय ने की कार्रवाई.
लखनऊ. प्रदेश के कृषि मंत्री सू्र्य प्रताप शाही की मुसीबतें बढ़ती हुई दिख रही है। सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने के मामले में प्रदेश कैबिनेट मंत्री के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने 24 वर्ष पुराने एक वाद में अनुपस्थित चल रहे सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ मंगलवार को गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।
यह था मामला-
तामिला के लिए न्यायालय ने थानाध्यक्ष कसया को एक नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री शाही के विरूद्ध अपराध संख्या 271-94 में धारा 353, 506 आईपीसी के तहत कसया थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। संग्रह अमीन चंद्रिका सिंह ने शाही पर आरोप लगाया था कि वह सरकारी कार्य में बांधा पैदा कर रहे हैं।
कई बार हाजिर होने के मिले निर्देश-
साल 1994 में दर्ज मुकदमे का परीक्षण जब 2004 में शुरू हुआ तो शाही ने न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराई थी, लेकिन दोबारा 14 मई 2007 को पत्रावली में उन्हें न्यायालय ने हाजिर होने के निर्देश जारी किए थे। तब से लेकर आज तक वो गैर हाजिर ही रहे। बीच में न्यायालय ने उनके विरूद्ध गैर जमानती वारंट भी जारी किया, लेकिन इसकी अवहेलना करते हुए शाही न्यायालय में हाजिर नहीं हुए।
मंगलवार को पत्रावली की सुनवाई के दौरान न्यायधीश चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लिया। मुकदमें में 11 वर्ष से गैर हाजिर चल रहे कैबिनेट मंत्री के विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति भी कुर्क करने का आदेश दिया। न्यायालय ने एसआे को जारी नोटिस में 19 फरवरी 2018 को कार्रवाई विवरण के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया है।