तिकुनिया कांड मामले में सोमवार को सुनवाई शुरू हुई लेकिन सुनवाई पांच मिनट में ही खत्म हो गई। मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू की याचिका उसके वकील ने तकनीकी खामियों के चलते वापस ले ली। अब आशीष चुनाव तक जेल में ही रहेंगे।
लखनऊ. तिकुनिया कांड मामले में सोमवार को सुनवाई शुरू हुई लेकिन सुनवाई पांच मिनट में ही खत्म हो गई। मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू की याचिका उसके वकील ने तकनीकी खामियों के चलते वापस ले ली। अब आशीष चुनाव तक जेल में ही रहेंगे। वहीं अंकित दास, लतीफ, सत्यम और नंदन चारों आरोपियों की जमानत याचिका जिलाध्यक्ष के न्यायालय से खारिज कर दी गई। आशीष मिश्र सहित पांच लोगों ने कोर्ट में जमानत अर्जी डाली थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी। इससे पहले 14 दिसंबर को एसआईटी ने इस कांड को साजिश करार कर मुख्य आरोपी के खिलाफ लगाई गई धाराएं बदल दी थीं। नई धाराओं के बाद लोअर कोर्ट से जमानत याचिका खारिज हो गई।
नई धाराओं के आधार पर सुनवाई
सोमवार को आशीष मिश्र और उसके सहयोगी जमानत याचिका के लिए जिला जज के न्यायालय में पेश हुए। एसआईटी के जांचकर्ता जमानत याचिका का विरोध करने के लिए सबूत एकत्र कर न्यायालय में आए। आशीष मिश्र समेत 14 आरोपियों पर अब गैर इरादतन हत्या की जगह हत्या का केस चलेगा। हालांकि, धाराएं बदलने के बाद हाईकोर्ट में सुनवाई टल सकती है। या फिर नई धाराओं के आधार पर सुनवाई की जाएगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर खीरी तिकुनिया कांड को लेकर तीन बार सुनवाई हो चुकी है। अक्टूबर से लेकर अब तक वहां तीन बार सुनवाई भी हो चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को धीमी जांच के लिए फटकारा था।
लखीमपुर कांड में कब क्या हुआ
03 अक्टूबर- लखीमपुर तिकुनिया हिंसा
05 अक्टूबर- एसआईटी का गठन
09 अक्टूबर- आशीष मिश्र ने सरेंडर किया था
13 अक्टूबर- आशीष की जमानत याचिका खारिज हुई थी
21 अक्टूबर- कोर्ट में केस डायरी नहीं पहुंची
28 अक्टूबर- जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित
03 नवंबर- आशीष मिश्र की जमानत याचिका की सुनवाई टली
15 नवंबर- आशीष मिश्रा की जमानत याचिका फिर खारिज
15 नवंबर- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी की नई टीम गठित की गई थी
25 नवंबर- नई टीम लखीमपुर पहुंची
10 दिसंबर- लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई, नई डेट मिली
13 दिसंबर- एसआईटी ने कोर्ट में आशीष मिश्रा समेत 13 लोगों पर धाराएं बढ़ाने की अनुमति मांगी
14 दिसंबर- एसआईटी की अर्जी पर कोर्ट ने आरोपियों पर धाराएं बढ़ाने की अनुमति दी
18 दिसंबर- सीजेएम कोर्ट में आशीष की जमानत याचिका खारिज हुई
20 दिसंबर- आशीष की जमानत याचिका उनके वकील ने वापस ली