
Asim Waqar joins Congress: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की सियासत में दल-बदल का दौर तेज होता दिख रहा है। इसी कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे आसिम वकार ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। बुधवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की मौजूदगी में आसिम वकार ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने AIMIM और पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की राजनीतिक रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए।
कांग्रेस में शामिल होते ही आसिम वकार ने कहा कि देश में इस समय मुख्य लड़ाई बीजेपी को सत्ता से हटाने की होनी चाहिए। उनका आरोप था कि AIMIM बीजेपी से मुकाबले की बात तो करती है, लेकिन जमीन पर उसकी राजनीति कई बार कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों के खिलाफ दिखाई देती है। वकार ने कहा कि अगर कोई पार्टी हर उस राजनीतिक दल से लड़ रही है जो बीजेपी को सत्ता से हटाना चाहता है, तो इससे आखिर फायदा किसे हो रहा है? उनके मुताबिक, इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस में जाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्ष और जनहित की सरकार बनाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर बीजेपी का मुकाबला करना चाहिए। वकार ने राहुल गांधी और उनकी टीम के साथ-साथ अजय राय का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है।
आसिम वकार ने अपने बयान में कहा कि उनकी प्राथमिकता अब बीजेपी को सत्ता से हटाना है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर विपक्षी दल आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहेंगे, तो इसका राजनीतिक फायदा बीजेपी को मिल सकता है। बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए वकार ने हुमायूं कबीर को लेकर भी अपना दावा दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने चुनाव से पहले ही उन्हें बीजेपी का एजेंट बताया था। साथ ही उन्होंने कथित स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है।
आसिम वकार के कांग्रेस में शामिल होने के अलावा पार्टी में हाल के दिनों में दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की एंट्री भी हुई है। कांग्रेस के मुताबिक, मंगलवार को औरैया, इटावा और गाजीपुर से बीजेपी और सपा से जुड़े कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली थी। गाजीपुर के दुर्गेश प्रताप सिंह ने सपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। वहीं, इटावा और औरैया से बीजेपी से जुड़े शिवम दुबे, सत्यम, मोहित दुबे, अंशुल, रविकुमार, आलोक दुबे, उमेश चंद्र, विष्णु और राहुल सिंह समेत कई लोगों के कांग्रेस में शामिल होने की बात कही गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने नए नेताओं के पार्टी में आने को संगठन के लिए मजबूती बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रदेश की सत्ता से बाहर करने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी।
आसिम वकार का AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाना ऐसे समय हुआ है, जब यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। विपक्षी दल अपने संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को जोड़ने में जुटे हैं। ऐसे में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसे प्रमुख चेहरे का कांग्रेस में जाना सिर्फ एक पार्टी बदलने की घटना नहीं, बल्कि चुनाव से पहले विपक्षी खेमे में बन रहे नए समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है। हालांकि, इसका चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।