Average 5 Encounters Per Day in UP: यूपी में 2017 से अब तक 17 हजार से ज्यादा पुलिस एनकाउंटर्स हुए हैं। सरकार ने आंकड़े जारी कर दिए हैं।
Average 5 Encounters Per Day in UP:उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया कि मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य में अब तक कुल 17,043 पुलिस एनकाउंटर किए गए हैं। सरकार के अनुसार यह औसतन हर दिन लगभग 5 एनकाउंटर के बराबर है।
सरकार की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि इन एनकाउंटर्स के दौरान 289 “कुख्यात अपराधी” मारे गए, जबकि 11,834 अपराधी घायल हुए। इसके अलावा संगठित अपराध और गंभीर मामलों के खिलाफ चलाए गए अभियान में 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने यह भी बताया कि इस दौरान 18 पुलिसकर्मियों की जान गई, जबकि 1,852 पुलिसकर्मी घायल हुए।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मेरठ जोन में सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए। यहां कुल 4,813 पुलिस मुठभेड़ों में 97 अपराधियों की मौत हुई, 3,513 घायल हुए और 8,921 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। सरकार के अनुसार इन अभियानों के दौरान 477 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।
एनकाउंटर के मामलों में वाराणसी जोन दूसरे स्थान पर रहा। यहां 1,292 एनकाउंटर में 29 अपराधी मारे गए। सरकार के मुताबिक 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 907 घायल हुए। इस दौरान 104 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
आगरा जोन तीसरे स्थान पर रहा, जहां 2,494 एनकाउंटर में 24 अपराधियों की मौत हुई। यहां 5,845 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 968 घायल हुए। सरकार ने बताया कि इन मुठभेड़ों में 62 पुलिसकर्मी घायल हुए।
सरकार की सूची के अनुसार बरेली जोन में 2,222 एनकाउंटर में 21 अपराधी मारे गए। वहीं लखनऊ जोन में 971 एनकाउंटर में 20 अपराधियों की मौत हुई। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 789 एनकाउंटर में 18 अपराधी मारे गए, जो सभी कमिश्नरेट में सबसे अधिक है। इसके अलावा कानपुर जोन में 791 एनकाउंटर में 12 अपराधियों की मौत हुई।
लखनऊकमिश्नरेट में 147 एनकाउंटर में 12, प्रयागराज जोन में 643 एनकाउंटर में 11 और आगरा कमिश्नरेट में 489 एनकाउंटर में 10 अपराधियों की मौत हुई। सरकार के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर जोन में 1,144 एनकाउंटर में 9, गोरखपुर जोन में 699 एनकाउंटर में 8 और वाराणसी कमिश्नरेट में 146 एनकाउंटर में 8 अपराधियों की मौत हुई।
इसी तरह प्रयागराज कमिश्नरेट में 150 एनकाउंटर में 6 और कानपुर कमिश्नरेट में 253 एनकाउंटर में 4 अपराधियों के मारे जाने का दावा किया गया।
सरकार की ओर से यह विस्तृत आंकड़े ऐसे समय जारी किए गए हैं, जब हाल ही में 6 मई से 7 मई के बीच राज्य में 35 एनकाउंटर हुए थे। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि 35 लोग घायल हुए थे। अधिकांश मामलों में घटनाक्रम लगभग एक जैसा बताया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी।
जनवरी में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे एनकाउंटर्स पर चिंता जताई थी। अदालत ने कहा था कि इस तरह की घटनाएं अब “रूटीन फीचर” बनती जा रही हैं और कई मामलों में आरोपियों को सबक सिखाने या वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्हें पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि कई मामलों में, यहां तक कि चोरी जैसे छोटे अपराधों में भी पुलिस बिना भेदभाव के गोलीबारी का सहारा ले रही है और उसे पुलिस एनकाउंटर के रूप में पेश किया जा रहा है।