लखनऊ

‘देवी-देवता किसी एक के नहीं, मंदिर में जातिगत भेदभाव गंभीर मुद्दा’, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद का बड़ा बयान

MP Awadhesh Prasad Latest Statement: सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। साथ ही उन्होंने मंदिरों में जाति के आधार पर भेदभाव के आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देवी-देवता किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि सभी के हैं।
3 min read
Aug 20, 2026
awadhesh prasad ram mandir donation caste discrimination statement
सपा सांसद अवधेश प्रसाद (फोटो- IANS)

MP Awadhesh Prasad Latest Statement: समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर के चंदे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किसी राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार को जनता के सामने इस मामले की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित उनकी पार्टी लगातार प्रधानमंत्री से राम मंदिर से जुड़े चंदे के आरोपों पर जवाब मांगती रही है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि आम लोग भी सरकार से स्पष्टीकरण चाहते हैं।

राम मंदिर से जुड़े आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

सपा सांसद ने कहा कि यह मामला मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंदिर से जुड़ा है। इसलिए मंदिर के चंदे में कथित चोरी या किसी भी तरह की अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसी व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रही है तो वह अपने स्तर पर ऐसा कर सकती है, लेकिन भगवान राम के मंदिर और उससे जुड़ी आस्था के मामले में जनता जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े इस विषय पर पारदर्शिता जरूरी है।

'गलत काम का अंत निश्चित', अवधेश प्रसाद ने किया धार्मिक संदर्भ का जिक्र

अवधेश प्रसाद ने अपने बयान में तुलसीदास की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब किसी न किसी शक्ति का उदय होता है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम की धरती पर स्वयं प्रभु श्रीराम विराजमान हैं और किसी भी गलत कार्य का अंत निश्चित है। उनके मुताबिक, सरकार किसी को बचाने की कोशिश करे या न करे, लेकिन मंदिर और भगवान राम से जुड़े किसी भी मामले में अंततः न्याय होना चाहिए।

शीतला माता मंदिर विवाद पर भी बोले सपा सांसद

भाजपा विधायक जय देवी कौशल द्वारा शीतला माता मंदिर में दर्शन से कथित तौर पर रोके जाने के आरोपों पर भी अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं को किसी एक व्यक्ति, समाज या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं माना जा सकता।

सपा सांसद ने भाजपा पर धर्म और देवी-देवताओं के नाम पर अपना आधिपत्य स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देवी-देवता सभी के हैं और किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल के नहीं हैं।

जाति के आधार पर मंदिर में प्रवेश रोकने पर जताई आपत्ति

अवधेश प्रसाद ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को केवल उसकी जाति के आधार पर मंदिर में प्रवेश से रोका गया है तो यह बेहद गंभीर और अपमानजनक मामला है।

उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों में जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। समाज में हर व्यक्ति को समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद सभी लोगों को सम्मान मिलेगा।

'देवी-देवता किसी एक पार्टी के नहीं'

सपा सांसद ने कहा कि मंदिर और देवी-देवताओं पर किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का अधिकार नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, धार्मिक स्थल समाज के सभी लोगों के लिए हैं और वहां किसी के साथ जाति, समाज या राजनीतिक पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर किसी तरह का राजनीतिक आधिपत्य स्थापित करना उचित नहीं है और सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से धार्मिक स्थलों में जाने का अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

वंदे मातरम पर भी अवधेश प्रसाद ने रखी राय

कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम के शुरुआती दो अंतरे गाने के फैसले पर भी अवधेश प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पूरे राष्ट्र के लिए एक संदेश है और इसे राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे तथा सद्भावना की भावना से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ रहें और देश में खुशहाली कायम हो, यही सबसे महत्वपूर्ण भावना है। उनके मुताबिक, वंदे मातरम को लेकर विवाद खड़ा करने के बजाय उसके संदेश को समझने और उसका सम्मान करने की जरूरत है।

आस्था, समानता और भाईचारे पर जोर

अवधेश प्रसाद के बयान में राम मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों पर सरकार से जवाब मांगने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों में समानता और सामाजिक सम्मान का मुद्दा भी प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि भगवान राम और अन्य देवी-देवता किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं।

सपा सांसद ने धार्मिक मामलों में पारदर्शिता, सामाजिक समानता और आपसी भाईचारे को जरूरी बताते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में जनता को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए और धर्मस्थलों पर सभी लोगों को समान सम्मान मिलना चाहिए।

Updated on:
20 Aug 2026 05:44 pm
Published on:
20 Aug 2026 05:44 pm