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जेन-अल्फा के प्रदर्शन के बाद एक्शन में योगी सरकार, सर्वोदय स्कूलों में पारदर्शी प्रबंधन के आदेश

CM Yogi On Gen Alpha Protest: उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से विभिन्न जिलों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के छात्रों द्वारा शिक्षकों की कमी, सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है।
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CM Yogi Adityanath, UP Special TET 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो पत्रिका)

Yogi Adityanath on Gen Alpha Protest: प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उन्नाव सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के छात्रों द्वारा शिक्षकों की कमी, सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शनों के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने इन आवासीय विद्यालयों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

स्कूलों में अव्यवस्था और प्रदर्शन पर सख्त सीएम योगी

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण की उपस्थिति में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वोदय विद्यालयों से जुड़ी सुस्पष्ट नियमावली तैयार की जाए। शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया तेज की जाए और प्रबंधन को और व्यवस्थित बनाने के लिए एक सोसाइटी के गठन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। सीएम योगी ने विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं तथा समग्र प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।

छात्रवृत्ति, पेंशन और शिक्षा प्रणाली में तेजी लाएं

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले 93 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, जो अब बढ़कर 103 हो गए हैं। इनमें 59 सीबीएसई और 44 यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं। छात्रवृत्ति वितरण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित पात्र विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल तत्काल खोला जाए। हर हाल में दो अक्टूबर तक छात्रवृत्ति की राशि लाभार्थियों के खातों में अंतरित कर दी जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र लाभ से वंचित न रहे।

आवासीय विद्यालयों की बदलेगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की भी समीक्षा की गई। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में 163 केंद्र संचालित हैं, जहां 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक जुड़े हैं। यूपीएससी, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए/सीडीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। सीएम योगी ने श्रेष्ठ शिक्षकों और विशेषज्ञों के अनुभव का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा योजना की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।

जेन-अल्फा छात्रों के प्रदर्शनों ने सरकार को इन विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर फोकस करने के लिए बाध्य किया है। अब प्रशासनिक स्तर पर तेज कार्रवाई से पारदर्शी और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।