
Jal Nigam Recruitment Scam : समाजवादी के वरिष्ठ नेता व रामपुर सदर से विधायक आजम खां सपा सरकार के दौरान जल निगम भर्ती घोटाले के मामले में सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई। 12 मई को कोर्ट में आजम खां के खिलाफ आरोप तय होने थे। लेकिन पेशी के दौरान आजम खां के वकील ने कोर्ट के सामने दलील रखी कि सरकारी पक्ष ने उन्हें अभी कोई भी दस्तावेज नहीं दिए गए हैं, जिस पर कोर्ट ने सरकारी वकील को निर्देश दिए कि आरोपी पक्ष को दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 जून की तिथि दी गई है। इस दौरान आजम खां करीब आधे घंटे तक कोर्ट में रूके थे।
कोर्ट ने दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा
आजम खां के वकील ने बताया कि जल निगम भर्ती घोटाले के मामले में एसआईटी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके बाद 12 मई को आजम खां पर आरोप तय होने थे। लेकिन, आजम खां के वकील ने कोर्ट में फॉरेंसिक रिपोर्ट की मांग की थी। कोर्ट में आजम खां के वकील ने एसआईटी के आरोपों पर आपत्ति करते हुए केस से संबंधित दस्तावेज की मांग की, जिसे कोर्ट ने मानते हुए सरकारी पक्ष को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गुरुवार को नहीं तय हो सके आरोप
सुनवाई के दौरान आजम के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्हें आरोप पत्र की पूरी कॉपी प्राप्त नहीं कराई गई हैं। इसलिए उन्हें पूरी कॉपी प्राप्त कराई जाएं। उनकी ओर से इस दलील पर गुरुवार को आजम खां पर आरोप तय नहीं हो सके। कोर्ट ने उनके अधिवक्ता को आरोप पत्र की पूरी कॉपी प्रदान करने का निर्देश देते हुए, मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 जून की तिथि तय की है।
शीर्ष अदालत का जताया आभार
इस दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर आजम खां ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि चलो किसी ने तो उनके बारे में सोचा। आजम ने कहा है कि उनकी तबियत बहुत खराब है। सके बावजूद उन्हें उस बैरक में रखा जा रहा है, जहां फांसी की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है.