पर्यावरण को स्वच्छ एंव सुरक्षित रखने के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही सिंगल-यूज प्लास्टिक को बैन (single-use plastic ban) करने की बात कही थी।
लखनऊ. पर्यावरण को स्वच्छ एंव सुरक्षित रखने के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक को बैन (single-use plastic ban) करने की बात कही थी। अब इसको पूरे देश में सख्ती से लागू किया जाएगा। और दो अक्टूबर (October) से इसका असर देखने को मिलेगा। सीएम योगी भी पिछले एक वर्ष से इस ओर कदम बढ़ा रहे हैं और हाल में यूपी के सभी मंडलायुक्तों एंव जिलाधिकारियों (District Magistrates) को निर्देश दिए थे कि यूपी के सभी सरकारी कार्यालयों व बैठकों में प्लास्टिक की बोतलों का उपयोगा नहीं होगा। वहीं अब केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की हैं जिसमें प्लास्टिक के उत्पादन व इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि यूपी में इस निर्देश को लागू करने केलिए प्रदेश सरकार से निर्देश आने बाकी हैं।
इस चीजों पर लगेगा बैन-
सरकारी एडवाइजरी के अनुसार अब प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक के कप, चम्मच, कटलरी, प्लेट आदि चीजों पर बैन लगेगा। इसके अलवा थरमॉकॉल की प्लेट (Plate), नकली फूल (Artificial Flowers), बैनर (Banner), झंडे (Flags), प्लास्टिक की पानी बोतल (Plastic Water Bottle), प्लास्टिक की स्टेशनरी (Stationary) जैसे फोल्डर (Folders) आदि का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Platic) का इस्तेमाल न किया जाए, इसके लिए राज्य सरकारों को टीवी (TV), रेडियो (Radio) के जरिए लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा गया है। इसी के साथ ही टूरिस्ट स्पॉट (Tourist spot), धार्मिक स्थल (Religious spots), बीच (Beaches), स्कूल (School), कॉलेजों (Colleges) में इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। हालांकि फिलहाल सही विकल्प मिलने तक पानी की प्लास्टिक बॉटल्स (Plastic Bottles) पर रोक नहीं लगाई जा रही है।
पिछले वर्ष से हो रही कोशिश-
बीते वर्ष से यूपी में प्लास्टिक बैन करने की कोशिश की जा रही है। 2018 में गांधी जयंती के मौके प्लास्टिक से निर्मित कई चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया या था। 2 अक्टूबर से डिस्पोजल प्लास्टिक को बंद कर दिए जाने के निर्देश दिए गए थे जिसमें सभी प्रकार के निस्तारण योग्य प्लास्टिक कैरीबैग भी शामिल थे। हालांकि इसे ठीक ढंग से अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।