
Basit Ali BJP Minority Morcha: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मुस्लिम आउटरीच को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख मुस्लिम चेहरे कुंवर बासित अली को अपनी राष्ट्रीय टीम में शामिल करते हुए BJP अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बासित अली ने पार्टी की कार्यशैली, 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और मुस्लिम समाज को लेकर बीजेपी की रणनीति पर अपनी बात रखी।
बासित अली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी एक परिवार की पार्टी नहीं है, बल्कि यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने कहा कि पार्टी में परिवारवाद या खानदान के आधार पर राजनीतिक जिम्मेदारियां नहीं दी जातीं। उनके मुताबिक, बीजेपी में काम के आधार पर दायित्व दिए जाते हैं और जिम्मेदारी मिलने के बाद उसके काम की समीक्षा भी होती है। उन्होंने खुद को पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि नई जिम्मेदारी मिलने के बावजूद बीजेपी के लिए उनका काम पहले की तरह जारी रहेगा।
बासित अली ने कहा कि पार्टी में किसी व्यक्ति का पद या दायित्व बदल सकता है, लेकिन कार्यकर्ता के तौर पर उसका मूल काम वही रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री समेत बीजेपी के सभी लोग समाज सेवा, जनकल्याण और गरीब कल्याण के लिए काम करते हैं।उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने और राष्ट्रवाद की भावना के साथ काम करना पार्टी के हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, बीजेपी में पद से ज्यादा व्यक्ति की इच्छा और समाज तथा देश के प्रति उसका नजरिया मायने रखता है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पार्टी की रणनीति के सवाल पर बासित अली ने कहा कि वह बीजेपी के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जहां जरूरी होगा, वहां अपने सुझाव भी पार्टी के सामने रखेंगे। उन्होंने बताया कि लोगों के साथ संवाद बढ़ाना, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना और योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभार्थियों से मुलाकात करना उनकी प्राथमिक गतिविधियों में शामिल रहेगा। बासित अली ने कहा कि इस काम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
बासित अली ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम समाज को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि सपा की राजनीति में मुस्लिम समाज को लगातार अलग-अलग मुद्दों में उलझाए रखने और उनके नाम पर सरकार बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद मुस्लिम समाज का शोषण किया गया और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए।
बासित अली ने कहा कि मुस्लिम समाज अब समाजवादी पार्टी की राजनीति को समझ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समाज को लेकर बनी पुरानी राजनीतिक छवि को बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मुस्लिम समाज के लिए एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर की सोच के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। बासित अली ने सरकार की ओर से छात्रवृत्ति और हज कोटे में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।
बासित अली ने सरकारी योजनाओं में मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न योजनाओं में मुस्लिम समाज को 30 से 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी मिलती है। उन्होंने इसकी तुलना समाजवादी पार्टी के शासनकाल से करते हुए दावा किया कि उस समय यह हिस्सेदारी 4 से 5 प्रतिशत तक हुआ करती थी।
बासित अली ने कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल को मुस्लिम समाज से 90 प्रतिशत वोट मिलते हैं और हिस्सेदारी केवल 4 प्रतिशत दी जाती है तो ऐसी व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सिद्धांत के साथ काम कर रही है।
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे की राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने के बाद बासित अली के सामने पार्टी के मुस्लिम आउटरीच को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लोगों से संवाद, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क और योजनाओं के प्रचार को पार्टी की रणनीति का हिस्सा बताया गया है। बासित अली ने कहा कि वह पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे और समाज तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देंगे।