
विनोद तावड़े बने उत्तर प्रदेश के नए प्रभारी
Vinod Tawde UP Incharge: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी चुनावों को देखते हुए तीन राज्यों के प्रभारियों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें सबसे अहम नाम महाराष्ट्र की सियासत में गहरी पकड़ रखने वाले दिग्गज नेता विनोद तावड़े का है जिन्हें, यूपी का प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। विनोद तावड़े आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की कमान संभालेंगे। आपको बता दें कि यूपी प्रभारी का पद पिछले 2 सालों से खाली था। इससे पहले 2022 से विनोद तावड़े बिहार के प्रभारी थे।
दरअसल बीजेपी में किसी भी प्रदेश प्रभारी की भूमिका बहुत ही अहम और महत्वपूर्ण होती है। प्रभारी केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच एक मजबूत पुल यानी समन्वय का काम करते हैं। इसके अलावा उन्हें पार्टी संगठन का विस्तार करने, बड़े नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बैठाने और पार्टी की चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने जैसी बड़ी जिम्मेदारी निभानी होती है। वे संगठनात्मक कार्यक्रमों की निगरानी करते हैं और समय-समय पर प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट भी भेजते हैं।
विनोद तावड़े को बीजेपी में मजबूत संगठनकर्ता के तौर पर जाना जाता है। भाजपा ने महाराष्ट्र के रहने वाले विनोद तावड़े पर अपना भरोसा जताया है। तावड़े का जन्म 20 जुलाई, 1964 को मुंबई के गिरगांव इलाके में एक मराठी परिवार में हुआ था। उन्होंने पार्ले कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की है। वह बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और बाल स्वयंसेवक के रूप में काम कर चुके हैं। उन्हें एक कुशल संगठनकर्ता के साथ-साथ एक बेहतरीन प्रशासक भी माना जाता है।
विनोद तावड़े फिलहाल भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। साल 1995 में उन्हें पहली बार बीजेपी की तरफ से महाराष्ट्र का महासचिव बनाया गया था। उनकी बेहतरीन सांगठनिक क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें 2002 में फिर से यह जिम्मेदारी सौंपी। तावड़े का सियासी सफर तेजी से आगे बढ़ता गया और 1999 में उन्हें मुंबई महानगर इकाई के अध्यक्ष पद की कमान दी गई। बताया जाता है कि मुंबई अध्यक्ष पद के लिए चुने गए वह सबसे कम उम्र के नेता थे जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
विनोद तावड़े अपनी काबिलियत के दम पर राजनीति की सीढ़ियां चढ़ते गए। साल 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें बोरीवली सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। तावड़े ने इस सीट पर शानदार जीत दर्ज की और विधायक बने। इसके बाद देवेन्द्र फडणवीस की सरकार में उन्हें शिक्षा विभाग समेत उच्च और तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, मराठी भाषा और सांस्कृतिक मामलों का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वह 12वीं और 13वीं लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की समन्वय समिति के प्रमुख सदस्य भी रहे हैं।
विनोद तावड़े के पास चुनाव प्रबंधन का लंबा और सफल अनुभव है। बिहार से पहले उनके पास हरियाणा की जिम्मेदारी भी थी। इसके अलावा वह गुजरात, पश्चिम-बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भी पार्टी के चुनाव संचालन से करीब से जुड़े रहे हैं। तावड़े त्रिपुरा और राजस्थान में मुख्यमंत्री चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं। साल 2026 के केरल चुनाव में भी उनको प्रभारी बनाया गया था। अब पार्टी ने उन्हें 2027 के महासंग्राम के लिए देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की अहम कमान सौंपी है।
Updated on:
18 Aug 2026 02:28 pm
Published on:
18 Aug 2026 02:28 pm
