योगी आदित्यनाथ के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने सदन में एक बयान में कहा है कि राज्य में इस वक्त 21 लाख से अधिक रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं।
लखनऊ. योगी आदित्यनाथ के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने सदन में एक बयान में कहा है कि राज्य में इस वक्त 21 लाख से अधिक रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं। प्रश्नकाल के दौरान श्रममंत्री ने कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में बताया कि 30 जून 2018 तक उप्र में कुल 21,39,811 लोगों ने बेरोजगार होने का रजिस्ट्रेशन कराया है। मंत्री का कहना था कि सरकार ऐसे लोगों को जॉब फेयर के जरिए रोजगार के अवसर देने का काम कर रही है। स्वामी प्रसाद मौर्या का कहना था कि सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सीमित हैं, जबकि प्राइवेट सेक्टर में यह संख्या अधिक है। इसलिए निजी क्षेत्र में रोजगार देने के प्रयास जारी हैं।
33 लाख को नौकरी देने की बात
श्री मौर्या ने बताया कि राज्य सरकार ने फरवरी में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। 4 महीनों की अवधि में 60 हजार करोड़ के प्रोजक्ट्स शुरू किए गए हैं। इसके जरिए कम से कम 33 लाख लोगों को नौकरी देने की योजना बनायी गयी है। श्रममंत्री के इस बयान के बाद विधायक दीपक सिंह तोमर ने सवाल उठाया कि सरकार के मंत्री के पास बेरोजगार लोगों का आंकड़ा क्यों मौजूद नहीं है। उनका कहना था कि उप्र में कम से कम 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं।
डिप्टी सीएम ने किया बचाव
विधायक ने भाजपा को नौकरी देने का वादा याद दिलाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में दावा किया था कि सत्ता में आने के 90 दिनों के भीतर लाखों लोगों को नौकरी दी जाएगी। इस सवाल के जवाब पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उप्र सरकार 68 हजार बेसिक शिक्षकों की भर्ती कर रही है। 12 हजार माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती की जा रही है और जल्द ही पुलिस भर्ती भी शुरू की जाएगी। इसको लेकर सदन में काफी देर तक हंगामा हुआ और कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉक आउट कर दिया।