लखनऊ

बड़ा फैसला:टैक्स फ्री होंगी हाइब्रिड गाड़ियां, लोगों की होगी लाखों की बचत

tax free hybrid cars:हाइब्रिड कार खरीदने पर सरकार लोगों को टैक्स में पूरी छूट देने की तैयारी कर रही है। हाइब्रिड वाहनों को टैक्स छूट के दायरे में लाने की तैयारी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की तर्ज पर हाइब्रिड वाहनों को रजिस्ट्रेशन शुल्क में शतप्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे राज्य में प्रदूषण पर नियंत्रण लगेगा।
2 min read
Nov 06, 2024
Tax exemption will be available on purchasing hybrid car
हाइब्रिड कार खरीदने पर टैक्स में पूरी छूट मिलने वाली है

tax free hybrid cars:सरकार हाइब्रिड गाड़ियों को टैक्स छूट के दायरे में रखने जा रही है। उत्तराखंड में ये व्यवस्था जल्द ही शुरू होने वाली है। परिवहन मुख्यालय ने बैटरी और डीजल-पेट्रोल के संयुक्त सिस्टम से लैस वाहनों को रजिस्ट्रेशन टैक्स से मुक्त करने की सिफारिश करते हुए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। व्यक्तिगत वाहनों पर ही रजिस्ट्रेशन टैक्स छूट मिलेगी। हाइब्रिड वाहनों के जरिए ईंधन की खपत कम करने के साथ ही राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ये बेहद महत्पूर्ण काम करने जा रही है। इससे राज्य में हाइब्रिड वाहनों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी और डीजल-पैट्रोल संचालित वाहनों का दबाव भी कम होगा। लोग इस फैसले से काफी खुश हैं। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह के मुताबिक इलेक्ट्रिक के साथ हाइब्रिड वाहन भी पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल हैं। डीजल-पेट्रोल का विकल्प होने के बावजूद लोग इन्हें बैटरी से चलाने को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बताया कि इन वाहनों को टैक्स मुक्त करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।

वाहन खरीद में लगता है लाखों का टैक्स

उत्तराखंड में रजिस्ट्रेशन टैक्स वाहन की कीमत के अनुसार तय होता है। पांच लाख रुपये तक के वाहन के लिए मूल्य का आठ फीसद, पांच लाख रुपये से 9.99 लाख रुपये तक के वाहन पर नौ प्रतिशत रजिस्ट्रेशन टैक्स लिया जाता है। दस लाख और इससे अधिक कीमत के वाहन पर 10 फीसद टैक्स लिया जाता है। इसके साथ बिना लोन के वाहन के लिए 2500 रुपये और बैंक लोन लेकर खरीदे गए वाहन के लिए चार हजार रुपये फीस देनी होती है। वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क से मुक्त हैं।

हाइब्रिड वाहनों का बढ़ रहा क्रेज

हाइब्रिड वाहनों को इच्छानुसार बैटरी या पेट्रोल-डीजल से चलाया जा सकता है। बैटरी पावर कम होने पर इंजन को ईंधन पर शिफ्ट किया जा सकता है और ईंधन खत्म होने पर बैटरी पर। इस साल एक जनवरी से अब तक उत्तराखंड में 3915 पेट्रोल हाइब्रिड वाहन रजिस्टर्ड हुए हैं। वहीं, डीजल हाइब्रिड वाहन 35 के करीब। इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन की संख्या 13,232 है। इससे साफ जाहिर है कि राज्य में हाईब्रिड वाहनों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।

Updated on:
06 Nov 2024 08:23 am
Published on:
06 Nov 2024 08:23 am