उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव का सियासी घमासान एक बार फिर से शुरू हो चुका है। इस बार विधान परिषद की 13 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
यूपी में एमएलसी यानी विधान परिषद की 13 सीटें छह जुलाई को खाली हो रही हैं। इनमें छह सीटें सपा, भाजपा और बसपा तीन-तीन और कांग्रेस की एक सीट शामिल है। इन्हीं सीटों पर चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने 4 उम्मदीवारों की घोषणा करते हुए नामांकन दाखिल कराया जिसमे प्रमुख नाम पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का है। वहीं भाजपा ने भी अपने 9 प्रत्याषियों की घोषणा कर दी है। जिसमें प्रमुख तौर पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य, मंत्री जेपीएस राठौर हैं। इनके अलावा भाजपा के प्रदेश में इकलौते मुस्लिम मंत्री दानिश को भी उच्च सदन में भेजने का मूड बनाया है। जबकि मुलायम सिंह यादव की बहु अपर्णा यादव को निराशा हाथ लगी है।
स्वामी प्रसाद मौर्य समेत 3 का नामांकन कराने पहुंचे अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने चार प्रत्याषियों की लिस्ट जारी करते हुए विधानसभा पहुंचे। जहां उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य सहित सपा के अन्य विधान परिषद प्रत्याशियों का नामांकन कराया।
स्वामी प्रसाद मौर्य, सोबरन सिंह यादव, सहारनपुर से शाहनवाज खान शब्बू व सीतापुर के जासमीर अंसारी का नाम शामिल है।
सपा की ओर से स्वामी प्रसाद मौर्य, सोबरन सिंह यादव, सहारनपुर से शाहनवाज खान शब्बू व सीतापुर के जासमीर अंसारी नामांकन करने पहुंचे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पहुंचने के बाद चारो उम्मीदवारों ने नामांकन किया।
भाजपा ने केशव मौर्य समेत 9 के नाम पर लगाई मुंहर, अपर्णा यादव की टूटी उम्मीदें
भाजपा ने कुल 9 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। लेकिन चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होने वाली मुलायम सिंह यादव की बहुत अपर्णा यादव को निराशा हाथ लगी है। उन्हें इस बार एमएलसी प्रत्याशियों की लिस्ट में नहीं शामिल किया गया है। जबकि डिप्टी सीएम केशव मौर्य, मंत्री जेपीएस राठौर, लखनऊ भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, मंत्रियों को विधान परिषद भेजने का फैसला लिया है, इनके अलावा चौधरी भूपेन्द्र सिंंह, दयाशंकर मिश्र दयालु, नरेन्द्र कश्यप, जसवंत सैनी, दानिश आजाद अंसारी, बनवारी लाल दोहरे प्रत्याशी बनाया है। इनमें एक मात्र मुस्लिम मंत्री दानिश पर पार्टी ने भरोसा जताया है।
कब होगा चुनाव कब आएगा रिजल्ट
एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन पत्र नौ जून तक भरे जाने हैं। नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी। नाम वापस 13 जून तक लिए जा सकते हैं।यदि आवश्यकता पड़ तो 20 जून को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। इसी दिन शाम पांच बजे से मतगणना होगी।
कैसे चुने जाएंगे एमएलसी, कौन करेगा वोट
एमएलसी की एक सीट के लिए 29 विधायकों के मतों की जरूरत है। विधायकों की संख्या के अनुसार इस बार भाजपा गठबंधन नौ और सपा गठबंधन चार सीटों पर जीत दर्ज कर लेगी। क्योंकि सबसे ज्यादा विधायक भाजपा के पास हैं। फिर समाजवादी पार्टी के पास सबसे अधिक 111 हैं।