
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, लोकदल और कौमी एकता दल को बड़ा झटका लगा है। इन पार्टियों के खी बड़े नेताओं ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद इन नेताओं को उनके समर्थकों के साथ सपा की सदस्यता दिलाई।
बसपा के ये नेता सपा में शामिल
समाजवादी पार्टी में शामिल होने वालों में बसपा से आए पूर्व सांसद लाचंद्र कोल, पूर्व विधायक फरहत अब्बास, पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी, पूर्व विधायक शम्भू चैधरी और पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत तहसीन सिद्दीकी हैं।
बीजेपी से सपा में आए ये नेता
भाजपा से आए पूर्व विधायक महेश बाल्मीकि, पूर्व विधायक नन्द किशोर मिश्र, बांदा के आनन्द त्रिपाठी, महोबा की रमादेवी, अम्बेडकरनगर से अमित सिंह, राम चंद्र त्यागी भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
इन नेताओं ने भी ज्वाइन की सपा
इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर आये पूर्व मंत्री श्याम लाल रावत, पूर्व चेयरमैन भरोसी लाल अनुरागी, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र देहाती, कौमी एकता दल के रामजी गुप्ता के साथ हजारों समर्थक शामिल हुए। गांव गरीब पार्टी के अध्यक्ष और संयोजक विश्रम पाल धनघर ने भी अपनी पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में कर दिया। बिन्द समाज कल्याण संघ के राजेन्द्र श्यामलाल बिन्द और राजेंद्र एस बिन्द, चिल्ड्रेन मेडिकल सेन्टर की निदेशक डॉ. सीमा सिंह, प्रोफेसर अनित्य गौरव, राजभर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश राजभर, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, प्रो. पंकज माधुर राजेश वर्मा, अध्यक्ष छात्रसंघ, साकेत महाविद्यालय फैजाबाद और रामचन्द्र त्यागी जन अधिकार पार्टी प्रमुख हैं।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि जो भी प्रबुद्घ लोग सपा में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए दरवाजा खुला है। ऐसे लोगों से पार्टी मजबूत होगी। वहीं इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक जातिवादी पार्टी है और हम विकासवादी हैं। अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और प्रदेश में विकास ठप है। बजट है नहीं। हम चाहते हैं स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों। बिजली में सुधार हो। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहा है।