नगर निगम और नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के चुनाव में बड़े लोग
लखनऊ . भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने प्रथम चरण निर्वाचन में महापौर प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। पांच नगरनिगमों के भाजपा प्रत्याशी घोषित किये गए।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश निकाय निर्वाचन प्रभारी जे0पी0एस0 राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर मेरठ एवं आगरा के महापौर प्रत्याशियों की घोषणा की।
श्री राठौर ने बताया कि गोरखपुर से सीताराम जायसवाल, अयोध्या से ऋषिकेश उपाध्याय, कानपुर से प्रमिला पाण्डेय, मेरठ से श्रीमती कान्ता कर्दम एवं आगरा से नवीन जैन को महापौर पद के लिए भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए गये।
उत्तर प्रदेश नगर निगम और नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के चुनाव में बड़े लोग भले ही न लड़ रहे हों, पर उनका नाम कहीं न कहीं चुनाव में संकट मोचक के रूप में काम आता है। यही कारण है कि यूपी के नगर निगम व निकाय चुनावों में योगी, मोदी से लेकर मुलायम अखिलेश्ेा और सोनिया राहुल तक की प्रतिष्ठा दांव पर लग जाती है।
इस बार 16 मेयर और 630 अध्यक्ष रचेंगे इतिहास
भारत में नगर निगम का इतना बड़ा चुनाव पहली बार हो रहा है। यूपी में 16 मेयर चुने जाएंगे। 2012 में 11 मेयर चुने गए थे। इस बार पांच नए स्थानों पर मेयर का चुनाव होगा। इसमें दो नगर निगम सपा सरकार में बने थे और भाजपा सरकार बनते ही तीन नगर निगम और बना दिए गए हैं। इसी प्रकार उस वक्त 613 नगर पालिका अध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्षों के चुनाव हुए थे जो इस बार बढ़कर 630 हो गए हैं। इसलिए इस बार का चुनाव सियासी नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तक इतने बड़े क्षेत्र और इतने ज्यादा सदस्यों वाले निकायों का चुनाव नहीं हुआ था।
मोदी के क्षेत्र बनारस में सबकी नजर मोदी पर
वर्ष 2012 में बनारस नगर निगम में मेयर भाजपा का था। इसके बाद वहां से 2014 में नरेन्द्र मोदी सांसद चुने गए और प्रधानमंत्री बने। उसी क्षण इस क्षेत्र के हर पद का महत्व बढ़ गया। हर चुनाव की प्रतिष्ठा मोदी से आंकी जाने लगी। इस बार नगर निगम चुनाव में भी सब की नजर मोदी पर है। भले ही मोदी चुनाव में यूपी के दौरे पर न आ सकें। इसी प्रकार कानप़ुर में पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी की प्रतिष्ठा दावं पर लगी है। वे सांसद बनने के बाद से ही कानपुर कम गए हों, लेकिन बड़ा नाम होने के कारण लोग इस चुनाव को उनसे जोड़कर देख रहे हैं।
गोरखपुर में योगी और अलीगढ़ में कल्याण का इंतजार
इस बार निकाय चुनाव में मु यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक के रूप में होंगे। लोगों को उ मीद रहेगी कि योगी उनके क्षेत्र में जनसभा जरूर करें। लेकिन उनकी सबसे ज्यादा रुचि अपने गृह जनपद गोरखपुर में अपनी शाख बचाने की होगी। यही कारण है कि योगी को स्थानीय नेता हर क्षेत्र में जनसभाओं के लिए बुला रहे हैं। फिलहाल वे तो मारीशस के दौरे पर हैं, पर वहां से आते ही सीएम चुनाव की तैयारी में जुट जाएंगे। ऐसा ही हाल राज्स्थान और हिमाचल के राज्यपाल कल्याण सिंह का है। कल्याण सिंह भले ही संवैधानिक पद होने के नाते चुनाव प्रचार में न जाएं पर लोगों को उनका इंतजार रहेगा। उनके बेटे राजू भैया और पोते संदीप सिंह इस चुनाव में उनका प्रतिनिधित्व करते दिखाई देंगे।