भारतीय जनता पार्टी ने सहकारिता चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के लगाए गए आरोपों को बोगस बताया है।
लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने सहकारिता चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के लगाए गए आरोपों को बोगस बताया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने कहा कि सपा सरकार की कार्यशैली छल, छद्म व फरेब की रही है। भाजपा सरकार सहकारिता आन्दोलन को समृद्ध व सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है जबकि समाजवादी पार्टी सरकार में समाजवादी कहे जाने वाले तथाकथित नेताओं ने सहकारी संस्थाओं को अपनी निजी सम्पत्ति मानकर दोहन किया। इसकी कारण सहकारी संस्थाएं बुरी तरह कमजोर हुई।
सहकारी बैंकों को पुनर्जीवित करने का दावा
भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सहकारी संस्थाओं को सशक्त करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए। योगी सरकार के अस्तित्व में आते ही बंद व बीमार पड़े अनेक जिला सहकारी बैंको को पुर्नजीवित करने का कार्य किया गया तथा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से गेहूँ तथा धान खरीद में सहकारिता ने लाभ अर्जित किया। पार्टी के सहकारिता चुनाव के प्रभारी सोनकर ने कहा कि सहकारिता आन्दोलन के इतिहास में यह दर्ज किया जाएगा कि भाजपा सरकार ने पारदर्शी तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए साधन सहकारी समितियों तक के चुनाव का विज्ञापन राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों को दिया जबकि सपा सरकार में सहकारिता चुनाव का विज्ञापन ऐसे समचार पत्रों में दिये गए जो समाचार पत्र जनता के बीच दिखते ही नही।
सपा को अपना कार्यकाल याद करने की दी नसीहत
भाजपा नेता ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष के आरोपों का जबाब देते हुए कहा कि नरेश उत्तम को योगी सरकार के अन्तर्गत सम्पन्न हुए सहकारिता आन्दोलन के चुनाव पर आरोप लगाने से पहले कम से कम 100 बार सोचना चाहिए था तथा समाजवादी सरकार के अन्तर्गत हुए सहकारी चुनावों को लेकर अन्दर झांकना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों, पिछडों, दलितों किसानों व प्रदेश की 22 करोड़ जनता की खुशहाली के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य सबका साथ सबका विकास है न कि महज एक कुनबे का।