बसपा के साथ कदमताल का इशारा किया सांसद ने, इशारा किया कि जहां बहुजन समाज का हित होगा, हम उसके साथ खड़े रहेंगे।
लखनऊ. आरक्षण और दलित उत्पीडऩ के मुद्दे पर यूपी भाजपा में बगावत। बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने बागी रुख को अख्तियार कर लिया है। भाजपा सांसद ने लखनऊ में ऐलान किया है कि तीन दिन बाद पहली अप्रैल को लखनऊ में भारतीय संविधान आरक्षण बचाओ रैली का आयोजन करेंगी। उन्होंने कहाकि अब बर्दाश्त के बाहर है और प्रस्तावित रैली का आयोजन नमो बुद्धाय जनसेवा समिति के माध्यम से किया जाएगा।
आरक्षण समाप्त करने की चर्चा के बाद बगावत
दरअसल, बीते कई दिनों से आरएसएस का थिंक टैंक जातिगत आरक्षण को समाप्त करने पर मंथन कर रहा है। संघ का विचार है कि जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आरक्षण को देश में लागू किया जाए। इस विचार से बहराइच से निर्वाचित भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले नाराज हैं। उन्होंने बुधवार को लखनऊ में बगावत का ऐलान करते हुए कहाकि आजकल आए दिन सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े असरदार लोगों के माध्यम से भारत के संविधान और आरक्षण में लगातार समीक्षा की बात गूंज रही है। उन्होंने कहाकि दलितों का भला करने के बजाय जातिगत आरक्षण को समाप्त करने का मंथन हो रहा है। इसी के विरोध में बहराइच के नानपारा में 2017 में रैली के माध्यम से भाजपा नेतृत्व को आगाह किया है। इस दोबारा लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में सभा करूंगा। उन्होंने कहा कि कभी कहा जा रहा है कि समीक्षा करेंगे, कभी कहा जाता है कि आरक्षण समाप्त करेंगे, मैं भारत के संविधान के तहत ही बहराइच से सांसद हूं। ऐसे में मुझे लगता है कि एक साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है, जबकि संविधान में था कि जब तक सभी को बराबरी का हक नहीं मिलता आरक्षण बढ़ता रहेगा।
बसपा के साथ कदमताल का इशारा किया सांसद ने
बीजेपी सांसद ने कहा कि मुझे लगता है कि आरक्षण के खिलाफ साजिश की जा रही है। लगातार निजीकरण किया जा रहा है। भारत का बहुजन असंतुष्ट है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ये बयान क्यो आ रहा है ? आज भारत का बहुजन समाज आहत है, जबकि आज तक संविधान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहाकि आरक्षण खत्म होगा तो बहुजन समाज के लोगों को मौका नहीं मिलेगा। अपने हक के लिए बहुजन समाज सडक़ से संसद में लड़ेगा। सपा और बसपा के गठबंधन पर उन्होंने कहाकि गठबंधन होता है, होता रहेगा, लेकिन वह बहुजन समाज के हित मे काम करती रहेंगी। उन्होंने अगले कदम की ओर इशारा किया कि जहां बहुजन समाज का हित होगा, हम उसके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की सरकार में जिस प्रकार से चिंता होनी चाहिए, नहीं हो रही है।