लखनऊ

भाजपा सांसद त्रिवेंद्र बोले… मुझे नहीं बनना सीएम, मेरे बयान का राज्य की राजनीति से नहीं कोई ताल्लुक

MP Gave Clarification: विवादित बयान के बाद विवादों से घिरे भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अब मै दिल्ली में हूं, मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है। उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि कहावत को मुद्दा बनाया गया है।
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Apr 01, 2025
BJP MP Trivendra Rawat said, I don't want to become CM
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत

MP Gave Clarification:भाजपा सांसद व पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने बीते दिनों उत्तराखंड में अवैध खनन का मामला संसद में जोरशोर से उठाया था। राज्य में भाजपा की ही सरकार है। उनके द्वारा संसद में उठाए गए सवाल के जवाब में उत्तराखंड के खनन सचिव ने राज्य में अवैध खनन की बात को खारिज किया था। सचिव के जवाब के बाद मीडिया कर्मियों ने सांसद त्रिवेंद्र रावत से सवाल किया था। सवाल के जवाब में त्रिवेंद्र रावत की विवादित टिप्पणी के बाद राज्य में हंगामा मच गया था। आईएएस एसोसिएशन ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत ने संसद में अवैध खनन को लेकर दिए गए बयान की टाइमिंग पर उठते सवालों के बीच कहा कि मैं अब दिल्ली में हूं और मुझे सीएम नहीं बनना। सांसद त्रिवेंद्र रावत से उनके बयान की टाइमिंग को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि सदन में दिए गए बयान का राज्य के राजनैतिक घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। कहा कि अब वह दिल्ली में हैं। स्पष्ट किया कि उन्हें उत्तराखंड का सीएम नहीं बनना है। सांसद ने कहा कि कुछ लोग मेरे बयान के जरिए राजनीति कर रहे हैं तो उन्हें करने दीजिए। कहा कि हमने इस पार्टी को अपने खून से सींचा है, मैं क्यों चाहूंगा कि सरकार अस्थिर हो। उन्होंने कहा कि सदन में राज्य में खनन का नहीं बल्कि अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मेरे बयान को व्यक्तिगत ले लिया। लेकिन मेरी चिंता पर्यावरण और आम लोगों के जीवन को लेकर है। उन्होंने कहा कि राज्य का खनन राजस्व बढ़ा यह अच्छी बात है लेकिन अवैज्ञानिक और अवैध तरीके से न हो यह सुनिश्चित करने की जरूरत है।

कहावत को बना दिया मुद्दा

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अवैध खनन पर दिए गए बयान को लेकर साफ किया कि उन्होंने किसी भी अधिकारी का नाम नहीं लिया। कहा कि उनके बयान के आगे और पीछे के हिस्से को काट कर केवल कहावत को मुद्दा बनाया गया जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सब अधिकारी अपने हैं और प्रिय हैं। उन्होंने कहा कि मैं अब संसद में हूं। मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है। मैं तो दिल्ली में हूं। कहा, जब मैं मुख्यमंत्री था, तब आप लोग कहते थे कि अधिकारियों की चलती है।

Published on:
01 Apr 2025 03:45 pm