बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मझधार में है। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में ब्राह्मण नेताओं में कन्नौज के सांसद व प्रदेश महामंत्री सुब्रत पाठक, अलीगढ़ के सांसद सतीश, नोएडा के सांसद महेश शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक का नाम आगे है।
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बने एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन पार्टी अभी तक प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय नहीं कर पाई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मझधार में है। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में ब्राह्मण नेताओं में कन्नौज के सांसद व प्रदेश महामंत्री सुब्रत पाठक, अलीगढ़ के सांसद सतीश, नोएडा के सांसद महेश शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक का नाम आगे है। माना जा रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा 20 व 21 मई को जयपुर में होने वाली भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले हो सकती है। इस बैठक में ही पार्टी की कार्ययोजना तय होगी।
इनके नाम पर भी चर्चा
इसी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियन, पिछड़े वर्ग में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के सांसद बेटे राजबीर सिंह, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, पश्चिम के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल और प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य के नाम पर भी चर्चा है।
जातीय समीकरण के गणित में फंसी बीजेपी
पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के अनुसार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेगी। सरकार और संगठन से 2014 और 2019 से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी को अब जातीगत समीकरणों को नए सिरे से तैयार करना है, इसलिए इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि प्रदेश अध्यक्ष किस जाति से बनाया जाए। पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और उसे सफलता भी मिली।