संगठित अपराध में लिप्त अपराधियों से निपटने के लिए योगी सरकार ने बुधवार को विधानसभा में UPCOCA बिल पेश कर दिया जिसको लेकर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा।
लखनऊ. संगठित अपराध में लिप्त अपराधियों से निपटने के लिए योगी सरकार ने बुधवार को विधानसभा में यूपीकोका बिल पेश कर दिया जिसको लेकर विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। इसके जवाब में बीजेपी ने इसे विपक्ष का घृणित आचरण बताया। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध में लिप्त अपराधियों को कानूनी दायरे में लाने के लिए लम्बे समय से कठोर कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब जबकि योगी सरकार अपराध और अपराधियों एवं उनके आकाओं को कानूनी दायरें में लाकर संगठित और संरक्षित अपराध की रीढ़ तोड़ना चाहती है तो ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती समेत समस्त विपक्ष की परेशानी का सबब समझ से परे है।
प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मनी लांड्रिग, भूमाफियाओं, फिरौती, नकली दवाओं का व्यापार करने वालों के विरूद्ध यूपीकोका जैसे कठोर कानून की आवश्यकता है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो, इसके लिए यूपीकोका जैसे कठोर कानून आवश्यक है। योगी सरकार अपराध के खात्मे को संकल्पित है और इसके लिए विपक्ष के हर नजायज दबाव को दरकिनार कर यूपीकोका को सदन में प्रस्तुत किया है।
बीजेपी प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने बुधवार को कहा कि प्रदेश की योगी सरकार बिना पक्षपात के सभी को न्याय दिलाने के लिए निरंतर काम कर रही है। बसपा सुप्रीमो और सपा सुप्रीमों मुद्दा विहीन है और सिर्फ विरोध करने के लिए उत्तर प्रदेश की भलाई में किए गए हर कार्य का विरोध कर रहे है। पिछले 15 वर्षो में सपा और बसपा की सरकारों में संगठित अपराध राजनैतिक संरक्षण में खूब फला-फूला। सपा-बसपा की सरकारों में भूमाफियाओं एवं खनन माफियाओं के कुचक्र से न सिर्फ सरकारी सम्पत्तियां महफूज थी बल्कि गरीब, किसान और व्यापारियों की सम्पत्तियां भी सुरक्षित नहीं थी। सपा-बसपा द्वारा यूपीकोका का विरोध संगठित अपराध और अपराधियों को समर्थन है।