अपने गौरव संकल्प पत्र में भाजपा ने कहा है कि बुरे कार्यों, अनैतिक और गलत कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इस शब्द पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.
लखनऊ. भाजपा ने 'गोरखधंधा' शब्द के इस्तेमाल किए जाने पर घोर आपत्ति जताई है। अपने गौरव संकल्प पत्र में भाजपा ने कहा है कि बुरे कार्यों, अनैतिक और गलत कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे गोरखधंधा शब्द पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा और कानून बनाकर सजा का प्रावधान पर रखा जाएगा। राजस्थान में सत्ता में आने पर ऐसा किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस शब्द पर कानून बनाने की घोषणा सीएम योगी के दबाव में की गई है।
इस वजह से नहीं होगा यह शब्द इस्तेमाल-
मंगलवार को राजस्थान में चुनाव से पहले भाजपा का घोषणापत्र केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली, प्रकाश जावडेकर और राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा जारी किया किया। वहीं घोषणापत्र समिति के सदस्य ओंकार सिंह लखावत ने शब्द के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि गुरू गोरखनाथ एक संत थे और इस शब्द का इस्तेमाल उनके अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है। इसलिए इस शब्द पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
सीएम योगी हैं गोरखनाथ मंदिर के गोरक्षपीठाधीश्वर-
गोरखनाथ एक हिंदू योगी और संत थे, जिन्होंने देश में नाथ संप्रदाय की स्थापना की थी। आपको बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े केंद्र गोरखनाथ मंदिर के गोरक्षपीठाधीश्वर हैं। उनके सीएम बनने के बाद इन मंदिरों के प्रति पर्यटकों का आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है। वैसे राजस्थान में भाजपा के घोषणा पत्र में गुरू गोरखनाथ के बारे में एक पाठ राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल की किताबों में शामिल होने व राज्य में गुरू गोरखनाथ का राष्ट्रीय स्मारक बनाने की बात भी शामिल की गई है।