
BJP UP Mission 2027: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राजनीतिक और संगठनात्मक मोर्चे पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के साथ जारी टकराव के बीच पार्टी ने अब चुनावी तैयारियों को संगठन के स्तर पर गति देना शुरू कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का गोरखपुर दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है। दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार को उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद पार्टी के पुराने और मौजूदा नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठकों का कार्यक्रम रखा। इनमें पिछले तीन कार्यकाल के प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारियों, पूर्व जिलाध्यक्षों, पूर्व सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ संवाद शामिल है। इसके बाद प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ चुनावी अभियानों की रूपरेखा पर चर्चा होनी है।
भाजपा के इस कार्यक्रम में संगठन के पुराने अनुभव और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को एक साथ लेकर चलने की कवायद है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, जनप्रतिनिधियों और जिला इकाइयों के बीच समन्वय तथा आगामी चुनाव के लिए अभियान की तैयारी पर चर्चा का कार्यक्रम है। नितिन नवीन की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल हैं। गोरखपुर में बुधवार को हुई पदयात्रा के बाद गुरुवार की बैठकों को इसी सिलसिले की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी को विदेशी टूलकिट का हिस्सा बताते हुए एसआईआर के विरोध पर कांग्रेस से सवाल किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मतदाता सूची के शुद्धीकरण की प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रहा है। नवीन ने राहुल गांधी की राजनीतिक नेतृत्व क्षमता पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस में उनके फैसलों को लेकर पार्टी के भीतर ही चिंता रहती है। एसआईआर के दौरान 13 करोड़ नाम हटाए जाने के विपक्ष के दावे पर उन्होंने मृत, स्थानांतरित और पते का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराने वाले मतदाताओं का हवाला दिया। ये आंकड़े नवीन ने अपने भाषण में दिए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस की ओर से बार-बार राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने की कोशिशों पर तंज कसा। उन्होंने 2004 में सांसद, 2007 में महासचिव, 2013 में उपाध्यक्ष और 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने का उल्लेख करते हुए राहुल की तुलना ऐसे दिवाली रॉकेट से की, जो उड़ान भरने के बजाय धुआं छोड़कर बुझ जाता है। योगी ने एसआईआर का विरोध करने पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को भी घेरा।
गोरखपुर में योगी ने अखिलेश यादव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अगली पीढ़ी की ओर से लाठी और जख्म का हिसाब लेने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में बदले की जगह नहीं होती, जनता अपने मताधिकार से बदलाव करती है। इस पर अखिलेश ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार करते हुए कहा कि जनता लाठी बांटने वालों को नहीं, लैपटॉप बांटने वालों को चुनेगी। उन्होंने भाजपा पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले नतीजों का भी उल्लेख किया।
भाजपा ने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के अभियान के जवाब में प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं का कार्यक्रम बनाया है। तीन नवंबर को लखनऊ और बरेली में केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा ने पदयात्राओं का नेतृत्व किया। चार नवंबर को गोरखपुर में नितिन नवीन और प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में कार्यक्रम हुए। गुरुवार को गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कानपुर में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा एसआईआर, चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ अपने कार्यकर्ताओं को भी चुनावी अभियान के लिए सक्रिय कर रही है।