उत्तर प्रदेश के लोग सड़कों पर 'बोट-रेस' देख अचंभे में पड़ गए। अचानक सड़क पर नाव चलने लगी। एक दो नहीं बल्कि दर्जनों की संख्या में सूखी सड़क पर नौकायन देखने लोग घरों से बाहर निकल आए। बाद में पता चला यह तो चुनावी चक्कर है। 'बोट रेस' का माजरा है राजनीतिक।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लोग सड़कों पर 'बोट-रेस' देख अचंभे में पड़ गए। अचानक सड़क पर नाव चलने लगी। एक दो नहीं बल्कि दर्जनों की संख्या में सूखी सड़क पर नौकायन देखने लोग घरों से बाहर निकल आए। बाद में पता चला यह तो चुनावी चक्कर है। किसी पार्टी का यह चुनाव प्रचार है। दरअसल, बिहार में मंत्री और विकासशील पार्टी ऑफ इंडिया (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश साहनी की पार्टी ने सोमवार को 165 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में एक नाव लगी है। मुकेश सहनी की पार्टी का चुनाव चिन्ह "नाव" है। नावयुक्त ये वाहन 165 विधानसभा सीटों पर मुकेश सहनी चुनावी वैतरणी से पार लगाएंगी, जहां निषादों की अच्छी खासी आबादी है। अभियान के लिए ई-रिक्शा को 'नाव' में बदला गया है और इसका उद्देश्य निषाद मतदाताओं के बीच जागरूकता पैदा करना है।
निषाद समुदाय की आजीविका का प्रतीक है नाव
हार में मंत्री और विकासशील पार्टी ऑफ इंडिया (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश साहनी ने बताया कि, नाव मेरे समुदाय की आजीविका का प्रतीक है और परिवहन का यह साधन पर्यावरण के अनुकूल भी है। यह नाव ही था, जिसपर निषाद राज ने भगवान राम को नदी के उस पार पहुंचाया। इसलिए नाव का हमारे लिए बहुत महत्व है।
पार्टी कार्यकतार्ओं के साथ बैठक करेंगे
साहनी ने कहाकि, आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में नाव उनके विचारों को 165 निर्वाचन क्षेत्रों में ले जाएगी। लखनऊ में मौजूद साहनी ने कहा कि, वह सीटों की पहचान करने और संभावित उम्मीदवारों के बारे में फैसला करने के लिए पूर्वाचल, अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपने पार्टी कार्यकतार्ओं के साथ बैठक करेंगे।
मोटर बाइक से करेंगे प्रचार
मुकेश सहनी ने कहा,मैं विधानसभा क्षेत्रों का प्रभार देने वालों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में लौटने से पहले प्रचार किट और मोटरबाइक वितरित करूंगा।
आरक्षण मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी - मुकेश साहनी
मुकेश साहनी ने कहा कि, वह निषाद समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक उनके समुदाय को आरक्षण नहीं दिया जाता। अपने नाम के आगे 'सन ऑफ मल्लाह' शब्द का प्रयोग करने वाले साहनी ने कहाकि, उन्हें उत्तर प्रदेश के चुनावों में अच्छा समर्थन मिलने का भरोसा है क्योंकि अन्य दलों ने अब तक निषादों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया था और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया है। वीआईपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है।