लखनऊ

यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह को कोर्ट का अंतिम मौका, एक हफ्ते में दाखिल करना होगा जवाब

Women Wrestlers Case: महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह को अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का आखिरी मौका दिया है। चार महिला पहलवानों ने उन्हें बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
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Updated: 28 Oct 2026, 12:19 PM IST
brij bhushan sharan singh
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (फोटो सोर्स- ANI)

Brij Bhushan Sharan Singh: महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का आखिरी मौका दिया है। यह मामला राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें बृजभूषण सिंह को छह महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया गया था। चार महिला पहलवानों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की है। अदालत ने साफ कर दिया है कि अब जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें और समय नहीं दिया जाएगा।

बरी किए जाने के फैसले को दी गई चुनौती

मजिस्ट्रेट अदालत ने 3 अगस्त को बृजभूषण शरण सिंह को छह महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया था। इनमें विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहलवान भी शामिल थीं। इस फैसले को चुनौती देते हुए चार महिला पहलवानों ने 25 सितंबर को अपील दायर की। पहलवानों ने अपनी याचिका में कहा है कि बृजभूषण सिंह को बरी करने का फैसला कानूनी रूप से सही नहीं है।

अदालत ने जवाब के लिए दी एक सप्ताह की मोहलत

विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह की अदालत ने बृजभूषण सिंह को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। इससे पहले 9 अक्टूबर को भी अदालत ने उन्हें जवाब देने के लिए मोहलत दी थी और 28 अक्टूबर की तारीख तय की थी। इसके बावजूद उनका जवाब दाखिल नहीं हुआ। अब अदालत ने इसे आखिरी मौका बताते हुए साफ कर दिया है कि तय समय में जवाब नहीं देने पर आगे अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।

28 सितंबर को जारी किया गया था नोटिस

इस मामले में अदालत ने 28 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह, दिल्ली सरकार और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को नोटिस जारी किया था। अदालत ने दिल्ली पुलिस से भी पूछा था कि क्या वह बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी। इस पर सरकारी वकील ने कहा था कि अभी इस बारे में फैसला नहीं लिया गया है।

बंद कमरे में होगी आगे की सुनवाई

अदालत ने कहा था कि मामले में दलीलें शुरू होने के बाद सुनवाई बंद कमरे में होगी। सुनवाई के दौरान बृजभूषण सिंह अदालत में मौजूद थे। महिला पहलवानों ने अपनी अपील में आरोप लगाया है कि बरी किए जाने का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के गलत और चुनिंदा आकलन पर आधारित है। उनका कहना है कि फैसले में अनुमानों और अटकलों का सहारा लिया गया और कानून के स्थापित सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया। अब अदालत में आगे की कार्रवाई बृजभूषण सिंह के जवाब और अपील पर होने वाली सुनवाई के आधार पर आगे बढ़ेगी।

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28 Oct 2026, 12:19 PM IST
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