बपसा के ये पूर्व नेता सपा में हुआ शामिल, अखिलेश यादव ने कराया ज्वाइन, सपाई हुए गदगद
लखनऊ. कभी मायावती के बेहद करीबी माने जाने वाले आरके चौधरी अब सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीब हो गए हैं। चौधरी शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार ने प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया है। अखिलेश यादव की दूरदर्शिता की वजह से ही लखनऊ मेट्रो का सपना साकार हो सका है। उन्होंने कहा कि सपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो समाज को जोड़ने व विकास की बात कर रही है। इसके साथ ही उमेश स्वामी आरएलडी के नेता भी सपा में शामिल हुए। बताते चलें कि आरके चौधरी अपने समर्थकों के साथ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 4 विक्रमादित्य आवास पर पहुंचे और समर्थथकों के साथ सपा का दामन थाम लिया। उनके साथ वे कार्यकर्ता भी एसपी में शामिल हुए।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपीकोका नहीं ये धोखा है। फर्नीचर साफ करने के पाउडर को विस्फोटक बताने वाले जनता को बहकाने में माहिर हैं। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि ये दलितों-अल्पसंख्यकों को खत्म करने वाला कानून है ।
जानिए कौन है आर के चौधरी
बसपा में रहने के दौरान वह काशीराम के काफी करीबी माने जाते थे। आरके चौधरी का राजनीतिक सफर काफी उठा-पटक का रहा है । बसपा में मायावती का प्रभाव बढ़ने पर उनका कद कम हो गया । मायावती ने 2001 में पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उनको पार्टी से निकाल दिया था । बसपा से निकलने के बाद उन्होंने बीएस-4 दल बनाकर राजनीतिक सफर जारी रखा। पिछले लोकसभा चुनाव के कुछ दिनों पूर्व वह फिर बसपा में वापस आ गये। बसपा से वह मोहनलालगंज क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन हार गये। चुनाव हारने के बाद उनको लखनऊ मण्डल का कोआर्डीनेटर बनाया गया।